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CAA पर मैदान में उतरी दिल्ली BJP, मुस्लिम परिवारों से मिले मनोज तिवारी

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एक तरफ जहां पूरे देश में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी भी इस कानून को लेकर मैदान में उतर गई है. मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी मुस्लिम परिवारों के बीच पहुंचे और इस कानून के संबंध में जानकारी दी.

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मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी
मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी

  • प्रदेश उपाध्यक्ष शाजिया इल्मी भी रहीं साथ
  • वजीरपुर, तिमारपुर के परिवारों से किया संपर्क

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एक तरफ जहां पूरे देश में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी भी इस कानून को लेकर मैदान में उतर गई है. मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी मुस्लिम परिवारों के बीच पहुंचे और इस कानून के संबंध में जानकारी दी. इस दौरान पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष शाजिया इल्मी भी उनके साथ रहीं. मनोज तिवारी वजीरपुर और तिमारपुर के 300 से ज्यादा मुस्लिम परिवारों से मिले.

नागरिकता कानून से जुड़े सवालों के जवाब देते हुए तिवारी ने कहा कि कुछ पार्टियों ने लोगों को भड़काकर माहौल खराब किया. मोदीजी ने नागरिकता कानून को लेकर लोगों का भ्रम दूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने भी यह साबित कर दिया कि वे विकास चाहते हैं, झगड़ा नहीं. नागरिकता संशोधन कानून भारत के मुसलमानों या भारत में जन्म लेने वाले किसी भी नागरिक पर लागू ही नहीं होता है, इसलिए भारत के नागरिक इन अफवाहों पर ध्यान न दें.

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों पर जिम्मेदारी थी कि वे हिंसा को भड़कने न दें, उन्हीं लोगों ने हिंसा भड़काने का काम किया है. संशोधन मात्र तीन पेज का है जिस पर अध्ययन करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है. नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में राज्यसभा में अन्य दलों ने मतदान किया है, तभी यह पास हुआ है. इस कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन करती हो.

मनोज तिवारी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिनियम 1955 में संशोधन कर अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी समुदाय के ऐसे आदमी को, जो 31 दिसबंर 2014 या इससे पूर्व भारत में शरणार्थी बनकर आए, उसे नागरिकता देने के लिए है. उन्होंने कहा कि अगर हमारा देश धर्म के आधार पर बांटा नहीं जाता तो आज इस कानून की जरूरत ही नहीं पड़ती. 2014 तक जो लोग आ गए हैं, उनकी रक्षा करने के लिए नेहरू लियाकत पैक्ट बना.

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष ने कहा कि इसके तहत यह सहमति बनी कि दोनों देश अपने- अपने यहां अल्पसंख्यकों की रक्षा करेगें, लेकिन पाकिस्तान ने अपने अल्पसंख्यकों की रक्षा नहीं की जिसके कारण वहां उन्हें प्रताड़ित होना पड़ा. उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों से इस कानून का कोई लेना- देना नहीं है. विपक्ष का एजेंडा है आपस में भारत के भाई- बहनों को लड़ाना, लेकिन भाजपा ऐसा नहीं करती. भाजपा सरकार देश के हर नागरिक और उनके अधिकारों का सम्मान करती है.

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