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मेट्रो किराये में बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरा भारतीय मजदूर संघ

आंदोलन करने पहुंचे भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री बृजेश उपाध्याय ने बताया कि दिल्ली में मेट्रो के यात्री श्रमजीवी हैं और ऐसी स्थिति में किराया बढ़ाना गलत है जब किसी मजदूर का वेतन दोगुना नहीं हो पाया है. दिल्ली सरकार अगर किराया रोकने के लिए कदम उठाती तो संघ उसके साथ खड़े रहती लेकिन केजरीवाल सरकार नाटक कर रही है.

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किराया बढ़ोतरी को बताया मजदूरों पर बोझ
किराया बढ़ोतरी को बताया मजदूरों पर बोझ

दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाये जाने पर भारतीय मजदूर संघ ने मंगलवार को मेट्रो भवन का घेराव किया. कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली और केंद्र सरकार के खिलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की. इस संगठन में खास तौर से मजदूर वर्ग जुड़ा हुआ है जो मेट्रो भाड़ा कम करने की मांग कर रहा है.

भारतीय मजदूर संघ ने आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के साथ-साथ डीएमआरसी को चेतावनी दी है कि अगर मेट्रो किराया बढ़ाने के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो उनके समर्थक मेट्रो रोकने का आंदोलन शुरू कर सकते हैं.

आंदोलन करने पहुंचे भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री बृजेश उपाध्याय ने बताया कि दिल्ली में मेट्रो के यात्री श्रमजीवी हैं और ऐसी स्थिति में किराया बढ़ाना गलत है जब किसी मजदूर का वेतन दोगुना नहीं हो पाया है. दिल्ली सरकार अगर किराया रोकने के लिए कदम उठाती तो संघ उसके साथ खड़े रहती लेकिन केजरीवाल सरकार नाटक कर रही है.

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संघ के पदाधिकारी का कहना है कि आम आदमी पार्टी सरकार भी कमेटी का हिस्सा है और उनकी सहमति से ही किराया बढ़ाया गया है. बृजेश उपाध्याय ने यह भी कहा कि मजदूर हित के लिए केंद्र सरकार को भी मेट्रो किराया बढ़ने से रोकना चाहिए.

दिल्ली के संग़ठन मंत्री पवन कुमार का कहना है कि किराया बढ़ने से मेट्रो में सफर करने वाले दिल्ली के मजदूरों पर बोझ बढ़ेगा. अगर मजदूर रोजाना 30 किलोमीटर से ज्यादा सफर करेगा तो 40 रुपए ज्यादा देना होगा. इस हालात में न्यूनतम 600 रुपए और अधिकतम 1200 रुपए का बोझ छोटे कर्मचारी बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं.

पवन कुमार ने दिल्ली सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने ढोल बजाकर न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी की बात कही थी लेकिन 15 अगस्त के ऐलान के बाद अबतक बढ़ा हुआ वेतन लागू नहीं हुआ है. भारतीय मजदूर संघ के मुताबिक मेट्रो किराया बढ़ने पर गरीब मजदूर भुखमरी की राह पर आ जाएगा, क्योंकि सरकार किराया तो तुरंत बढ़ा देती है लेकिन मजदूरी नहीं बढ़ाती है.

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