दिल्ली यूनिवर्सिटी में हो रहे एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के दो गुटों में आपस में झगड़ा हो गया. इनमें से एक गुट- भगत सिंह छात्र एकता मंच ने आरोप लगाया है कि महिला दिवस पर आयोजित उनके एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा-आरएसएस के छात्र संगठन ABVP के कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया. जिस कार्यक्रम में मजदूर अधिकार एक्टिविस्ट नवदीप कौर भाषण देने आई थीं. इस आरोप के बाद अखिल भारतीय विद्या परिषद (ABVP) ने भी बदले में आरोप लगाते हुए कहा कि हाथापाईं तब हुई थी जबकि आयोजनकर्ताओं ने सेना विरोधी पोस्टर और नारे लगाने शुरू कर दिए थे.
भगत सिंह छात्र एकता मंच ने दिल्ली विश्विद्यालय में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन एक कार्यक्रम आयोजित किया था. जिसे एक रेप पीड़ित के परिवार द्वारा संबोधित किया जाना था. भगत सिंह छात्र एकता मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया है, 'ABVP के कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल पर आकर उनके पोस्टर फाड़ दिए और लड़कियों पर हमला कर दिया. इस दौरान पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही.'
भगत सिंह छात्र एकता मंच ने आरोप लगाते हुए कहा है, 'जब राजवीर कौर बोल रही थीं तभी ABVP ने आकर कार्यक्रम को बाधित कर दिया. इससे पहले कि नवदीप कौर अपना भाषण दे पातीं, छात्रों पर हमला कर दिया गया. घटनास्थल पर मौजूद दिल्ली पुलिस मूकदर्शक की तरह खड़ी रही. ABVP द्वारा किए गए हमले को रोकने की जगह दिल्ली पुलिस ने आयोजनस्थल पर मौजूद चार छात्रों को डिटेन कर लिया.'
मौरिस नगर पुलिस स्टेशन के बाहर छात्रों के प्रदर्शन के बाद डिटेन किए गए छात्रों को फिलहाल रिलीज कर दिया गया है. भगत सिंह छात्र एकता मंच के आरोप पर ABVP ने कहा है कि, 'एंटी आर्मी पोस्टर्स को देखने के बाद हमने आयोजकों से कार्यक्रम के मंतव्य के बारे में पूछा. DUSU जॉइंट सेक्रेटरी शिवांगी और उनके दोस्तों द्वारा सवाल पूछे जाने पर वहां मौजूद एक आदमी ने उन पर हमला कर दिया. इसके तुरंत बाद ही एक भीड़ ने डूसू सेक्रेटरी और अन्य लड़कियों पर हमला कर दिया. जिसके कारण झगड़ा हो गया.'
इस मामले पर पुलिस का कहना है कि उसे दोनों ही पक्षों की तरफ से किसी भी तरह की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.