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केंद्र पर फिर बरसे केजरीवाल, पूछा- क्या दिल्ली वाले कम देशभक्त हैं?

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर इशारे-इशारे में दिल्ली की संवैधानिक स्थिति और पूर्ण राज्य की मांग एक बार फिर उठाई.

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तिरंगा फहराते सीएम अरविंद केजरीवाल तिरंगा फहराते सीएम अरविंद केजरीवाल

जश्न-ए-आजादी के मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर दिल्ली की आजादी का मुद्दा उठाया. मौका था छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के आयोजन का. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ध्वजारोहण करने के बाद परेड की सलामी ली और उद्बोधन के बहाने केंद्र सरकार पर हमला बोलने से नहीं चूके.

दिल्ली वालों के वोट की कीमत कम
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर इशारे-इशारे में दिल्ली की संवैधानिक स्थिति और पूर्ण राज्य की मांग एक बार फिर उठाई. केजरीवाल ने कहा कि आज दिल्ली के अंदर जो व्यवस्था है वो वही अंग्रेजी व्यवस्था है, जिसमें आप अपना विधायक और मुख्यमंत्री तो चुन सकते हो, लेकिन उन प्रतिनिधियों को सरकार चलाने का अधिकार नहीं है. सरकार तो कोई और चलाता है. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए स्वतंत्रता दिवस के मंच से केजरीवाल ने पूछा कि दिल्ली के लोगों के वोट की कीमत छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र के लोगों के वोट की कीमत से कम क्यों है? अगर महाराष्ट्र के, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात जैसे राज्यों के लोगों की वोट की कीमत 100 पॉइंट है तो दिल्ली वालों के वोट की कीमत 20 पॉइंट से भी कम है.

दिल्ली में अंग्रेजों वाली व्यवस्था
उन्होंने कहा कि क्या दिल्ली के लोग देश के दूसरे राज्यों से कम टैक्स देते हैं? क्या दिल्ली वाले कम देशभक्त हैं? अगर नहीं तो वोट की ताकत कम क्यों? आखिर क्यों दिल्ली की सरकार को पूरा अधिकार नहीं. दिल्ली में आज अंग्रेजों वाली व्यवस्था है जहां जनता के चुने हुए प्रतिनिधि को कोई अधिकार नहीं है, और अंग्रेजों की तरह केंद्र सरकार ही दिल्ली में राज करती है.

एजुकेशन रिफॉर्म के लिए काम किया
केंद्र को निशाने पर लेने के बाद सीएम ने अपनी सरकार के कामों का भी जमकर बखान किया और दावा किया की दिल्ली की सरकार के कामों की चर्चा देश ही नहीं अमेरिका, यूरोप और चीन तक हो रही है. केजरीवाल ने कहा कि हमने जो भी काम किया एजुकेशन, हेल्थ, स्किल के क्षेत्र में वो आज दुनिया के लिए मॉडल है. जितना काम हमने डेढ़ साल में एजुकेशन रिफॉर्म के लिए किया वो अपने आप में क्रांतिकारी है. हमने पहली बार सरकारी स्कूलों में पीटीएम (पैरेंट्स-टीचर मीटिंग) ऑर्गनाइज किया. उसकी चर्चा भी खूब हुई.

संभलकर किया केंद्र पर हमला
इतना ही नहीं मोहल्ला क्लीनिक का कॉन्सेप्ट भी दिल्ली वालों को खूब पसंद आया. दिल्ली सरकार का फोकस एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर पर है. हम लगातार काम करते रहेंगे, चाहे कितनी भी अड़चनें क्यों ना आए. ये पहला मौका नहीं है जब स्वतंत्रता दिवस समारोह के मंच पर सीएम ने केंद्र सरकार को कोसा हो. इससे पहले भी केजरीवाल कभी पुलिस तो कभी अधिकारों के मुद्दे पर केंद्र पर हमला बोल चुके हैं. लेकिन सीधी-सीधी खरी-खोटी सुनाने वाले केजरीवाल इस बार केंद्र पर हमला करते समय जरा संभलकर बोलते हुए नजर आए.

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