बार एसोसिएशन ने वकीलों को पटियाला हाउस से आईटीओ के पास दीन दयाल मार्ग पर बन रहे नई बिल्डिंग में शिफ्ट कराने का फैसला लिया है. इसके विरोध में दिल्ली की जिला अदालतों के सभी वकील हड़ताल पर हैं. हड़ताल कर रहे वकीलों का कहना है कि जो सुविधाएं उन्हें पटियाला कोर्ट में मिल रही हैं, वो नई बिल्डिंग में नहीं मिलेंगी.
नई दिल्ली बार एसोसिएशन की प्रेसिडेंट संतोष मिश्रा कहती हैं कि 40 साल से पटियाला हाउस में न्यू दिल्ली की जिला अदालत चल रही है. नई बिल्डिंग में तो वकीलों के लिए चैम्बर की सुविधा तक नहीं है. ऐसे में वकील वहां क्यों जाना चाहेंगे?
वकीलों को है ये दिक्कतें
नई इमारत में रोड सिंगल है. पार्किंग की इतनी सुविधा नहीं है. वहां सिर्फ 750 गाड़ियों की पार्किंग की जा सकती है, जबकि 3 हजार गाड़ियां पटियाला कोर्ट में रोज खड़ी होती है. यहां पर 8 हजार मेंबर्स बार एसोसिएशन के हैं और 1500 वकीलों के पास चैम्बर है, लेकिन वहां वकीलों के चैम्बर बनाने के लिए कोई ब्लॉक ही नहीं बनाया गया है. बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी नीरज का कहना है कि अभी भविष्य में और लिटिगेशन बढ़ेगी, तब इतनी छोटी बिल्डिंग में कोर्ट कैसे चलेगी? अभी फिलहाल 43 कोर्ट रूम पटियाला में है, जबकि नई बिल्डिंग में सिर्फ 40 कोर्ट रूम होंगे. यहां पर मीडियेशन अलग है. बैंक और पोस्ट ऑफिस की सुविधा है. फैमिली कोर्ट अलग से है. डीएलएसए का ऑफिस है, यानी सारी सुविधा साथ जगह पर है, जबकि नई बिल्डिंग में जज, वकील और याचिकाकर्ता सबके लिए एक ही इमारत है.
होगी ट्रैफिक जाम की समस्या
दरअसल, पटियाला हाउस कोर्ट की बिल्डिंग में हाई कोर्ट का नया रिकॉर्ड रूम बनने जा रहा है. फिलहाल ये भारत सरकार के पास है और सरकार ने ये हाई कोर्ट को दी हुई है. 20 एकड़ की जमीन पर बने पटियाला हाउस कोर्ट को 5 एकड़ की बिल्डिंग में शिफ्ट किए जाने की योजना है. वकीलों का कहना है कि एक तो नई बिल्डिंग का एरिया सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में लगता है और दूसरा वन वे होने के कारण यहां ट्रैफिक जाम रोज लगा रहेगा.