ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर लड़ने की गलती इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में नहीं दोहराना चाहते. उन्होंने अपनी मंशा साफ कर दी है कि आम आदमी पार्टी की नजर सिर्फ और सिर्फ दिल्ली पर है.
दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को अपने कार्यकर्ताओं से कहा, 'आम आदमी पार्टी को महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव में नहीं लड़ना चाहिए. पार्टी को अपने संसाधन और सभी कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल दिल्ली चुनाव के लिए करना चाहिए.' केजरीवाल ने ये बातें कार्यकर्ताओं से गूगल हैंगआउट सेशन के दौरान कहीं.
केजरीवाल की इस रणनीति की जानकारी आज तक के रिपोर्टर अनुराग ढांडा ने ट्विटर पर सबसे पहले दी, जिसे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने रिट्वीट करके इस खबर पर मुहर लगा दी.
. at Google hangout " shud nt fight Haryana & Maha assembly elections. Use all resources & volnteers in Delhi"
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda)
आपको बता दें कि दिल्ली में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है. पिछले साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के बाद केजरीवाल ने कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाई थी. हालांकि जनलोकपाल बिल को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण यह सरकार मात्र 49 दिनों तक ही चल पाई. केजरीवाल ने सिद्धांतों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था.
इसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा. पार्टी की करारी हुई. AAP दिल्ली की 7 सीटों में से एक पर भी जीतने में कामयाब नहीं हो सकी. शिकस्त के बाद केजरीवाल ने माना कि इस्तीफा देना जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला था, जिससे जनता नाराज हो गई.
इस बीच मीडिया में कई बार ऐसी खबरें आई कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और AAP एक बार फिर साथ आ सकते हैं. हालांकि दोनों पार्टी के नेताओं ने इसे अफवाह बताकर खारिज कर दिया.