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दिल्ली जल बोर्ड में नई जिम्मेदारी, राघव चड्ढा बने नए उपाध्यक्ष

दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतने वाले आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें दिल्ली जल बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है.

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AAP नेता राघव चड्ढा (Photo- PTI)
AAP नेता राघव चड्ढा (Photo- PTI)

  • राजेंद्र नगर से विधायक बने दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष
  • विधायक संजीव झा और प्रकाश जारवाल होंगे बोर्ड के सदस्य

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार तीसरी बनने के बाद अरविंद केजरीवाल के मंत्रिमंडल में भले बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड में नई जिम्मेदारी देने का सिलसिला शुरू हो गया है. राजेंद्र नगर विधानसभा से पहली बार विधायक का चुनाव जीतने वाले आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा को दिल्ली जल बोर्ड का वाइस चेयरमैन बनाया गया है. इसके अलावा बुराड़ी से विधायक संजीव झा और देवली से विधायक प्रकाश जारवाल, दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य होंगे.

अध्यक्ष पद पर सत्येंद्र जैन

बता दें कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने पास किसी भी विभाग की जिम्मेदारी नहीं रखी है. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) का जिम्मा सत्येंद्र जैन को सौंप दिया गया है. इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास थी. वहीं, गोपाल राय को पर्यावरण मंत्रालय सौंपा गया है, जबकि इससे पहले कैलाश गहलोत के पास यह जिम्मेदारी थी. कुल मिलाकर 3 विभागों में मामूली बदलाव किए गए हैं.

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इसी प्रकार राजेंद्र पाल गौतम को महिला एवं बाल कल्याण विभाग का जिम्मा मिला है, जबकि केजरीवाल के दूसरे कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जिम्मे यह विभाग था. इस 3 अहम बदलाव के अलावा सभी मंत्रियों के पास पुरानी जिम्मेदारी पहले ही जैसी है.

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पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी गोपाल राय को सौंप दी गई है जिनके पास पहले से ही विकास मंत्रालय मौजूद था. मामूली बदलाव करते हुए महिला बाल विकास कल्याण मंत्रालय अब राजेंद्र पाल गौतम को दे दिया गया है जिनके पास पहले से ही सामाजिक कल्याण मंत्रालय मौजूद था.

मॉनिटर की भूमिका में सीएम केजरीवाल

जानकारी के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी चुनाव में जनता से किए गए वादे और गारंटी कार्ड को अमल करवाना जिसके लिए वह पुराने चल रहे सभी प्रोजेक्ट की रोजाना रिव्यू मीटिंग करेंगे और नई पॉलिसी पर मंत्रिमंडल के साथ कार्यान्वयन करेंगे. इस तरह नई सरकार में केजरीवाल की भूमिका मॉनिटर की तरह होगी. जाहिर है इससे उन्हें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार मिशन के लिए भी समय मिलेगा.

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