देश की राजधानी दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक के बाद अब मोहल्ला बसों की भी शुरुआत होने जा रही है. हालांकि, मोहल्ला बसें अभी प्लानिंग की स्टेज पर ही चल रही हैं. ये एक छोटे आकार की इलेक्ट्रिक बसें होंगी और इन्हें खास उन इलाकों में चलाया जाएगा जहां सड़क की चौड़ाई कम है. मोहल्ला बसों के डिजाइन, डिस्टेंस, किराया समेत कई चीजों की योजना बनाने के लिए इंटनेशनल एक्सपर्ट काउंसिल प्रोग्राम रखा गया है. इसमें दक्षिण कोरिया, कोलंबिया और अमेरिका के एक्सपर्ट्स शामिल होंगे.
एक्सपर्ट्स तय करेंगे मोहल्ला बसों का डिजाइन-किराया
मोहल्ला बस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए इंटरनेशनल कॉउन्सिल ऑफ़ क्लीन ट्रांसपोर्ट (आईसीसीटी) 17 अप्रैल को एक इंटनेशनल एक्सपर्ट काउंसिल प्रोग्राम आयोजित करेगा. कंसल्टेशन मीटिंग की अध्यक्षता दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत करेंगे. इस वर्चुअल कंसल्टेशन में कई इंटरनेशनल एक्सपर्ट शामिल होंगे, जो अपने अनुभवों और केस स्टडी के जरिए मोहल्ला बस सेवा योजना पर 10-12 मिनट की प्रेजेंटेशन देंगे.
प्रेजेंटेशन के दौरान सर्विस डिजाइन, डिस्टेंस, किराया, ब्रांडिंग जैसे सुझाव शामिल होंगे. इस पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि हम इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रिया जानना चाहते हैं, जिन्होंने फीडर बस संचालन को अपने शहरों या देश में सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. दिल्ली सरकार के मुताबिक एक्सपर्ट के साथ चर्चा में मोहल्ला बस सेवा योजना की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी.
चर्चा में शामिल होने वाले एक्सपर्ट:
1. विश्व बैंक के सैम ज़िम्मरमैन, जिन्होंने डीसी सर्क्युलेटर सेवा पर काम किया है.
2. सियोल में फीडर सेवाओं पर काम करने वाले डॉ ये कोटी.
3. बोगोटा में जावेरियाना विश्वविद्यालय से डॉ. डेरियो हिडाल्गो, जिन्होंने कोलंबिया के कई शहरों के लिए फीडर सेवा पर काम किया है.
4. नीति आयोग में सीनियर फेलो डॉ. ओपी अग्रवाल, जिन्होंने द्वारका सर्क्युलेटर सेवा का प्रस्ताव रखा था.
कैसी होंगी मोहल्ला बसें?
ये बसें छोटे आकार की इलेक्ट्रिक बसें होंगी, इनकी लंबाई 9 मीटर की हो सकती है. मोहल्ला बसों का संचालन दिल्ली के उन क्षेत्रों की परिवहन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा, जहां सड़क की चौड़ाई कम है.
कितना होगा किराया?
मोहल्ला बसों के डिजाइन, डिस्टेंस, किराया समेत कई चीजों की योजना बनाने के लिए इंटनेशनल एक्सपर्ट काउंसिल प्रोग्राम में बसों के डिजाइन समेत इनके किराये पर भी चर्चा होगी. हालांकि, डीटीसी बसों में महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधाा मिली हुई है. इससे उम्मीद जताई जा रही है कि इन बसों में भी महिलाओं को टिकट से राहत मिल सकती है. लेकिन मेट्रो फीडर बसें, जो छोटे आकार की एसी बसें हैं, उनका न्यूनतम किराया 10 रुपये है और इनमें महिलाओं को किसी तरह की कोई छूट नहीं है. इसलिए फिलहाल इन बसों के किराए या महिलाओं को टिकट से छूट पर साफ-तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता.
मोहल्ला बसो पर क्या है सरकार की योजना?
दिल्ली सरकार शहर की सड़कों पर छोटे आकार की इलेक्ट्रिक मोहल्ला बसों की शुरुआत करने जा रही है. जल्द ही सरकार ऐसी 100 बसें शुरू करेगी. सरकार की 2025 तक कुल 2,180 ऐसी बसें शुरू करने की योजना है.
क्या है उद्देश्य?
इस योजना का उद्देश्य लोगों को उनके घर तक फीडर बस सेवा प्रदान करना है. इसके साथ ही इनका उद्देश्य उन इलाकों में बस सेवा मुहैया करवाना है, जहां नियमित 12-मीटर की बसें नहीं चल पाती हैं. मोहल्ला बस संचालन से इन क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने और लोगों के लिए परिवहन पहुंच में सुधार की उम्मीद है. आईसीसीटी के प्रबंध निदेशक (भारत) अमित भट्ट ने कहा 'इस साल के दिल्ली के बजट में 'मोहल्ला बस' योजना की घोषणा इस लक्ष्य के साथ की गई कि दिल्ली के लोगों को उनके घरों तक पहुंचने में आसानी हो. यह योजना न केवल दिल्ली के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गेम-चेंजर होने की क्षमता रखती है. हम देख रहें हैं कि कई शहर कुशल फीडर सेवाएं प्रदान करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं.'
बता दें कि मोहल्ला बस योजना की घोषणा पिछले बजट भाषण में दिल्ली के वित्त और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने की थी. वहीं, केजरीवाल सरकार द्वारा अब तक मेट्रो फीडर बसें और डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत भी की जा चुकी है.