देशभर में रविवार को गोवर्धन पूजा का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. सभी प्रदेशों में अलग-अलग रिवाज के साथ इसे मनाया जाता है. जैसे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री लोगों की खुशहाली के लिए प्रत्येक साल गोवर्धन पूजा के मौके पर कोड़े की पिटाई सहते हैं.
इस बार भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर सबकी मंगलकामना के लिए दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी में सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई. सीएम भूपेश बघेल ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी इस बात की पुष्टि की है.
उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'हमेशा की तरह इस बार भी आज दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई. यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है.'
हमेशा की तरह इस बार भी आज दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 15, 2020
यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है। pic.twitter.com/w2XldUGinG
हालांकि इस साल एक बदलाव भी देखा गया है. पहले प्रत्येक साल गांव के बुजुर्ग भरोसा ठाकुर कोड़ों से यह प्रहार करते थे, लेकिन इस बार उनके निधन के कारण यह परंपरा उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर ने निभाई.
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बता दें, दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट और गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2020) की जाती है. मूलतः यह प्रकृति की पूजा है, जिसका आरम्भ श्रीकृष्ण ने किया था. इस दिन प्रकृति के आधार के रूप में गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है और समाज के आधार के रूप में गाय की पूजा की जाती है.
यह पूजा ब्रज से आरम्भ हुई थी और धीरे-धीरे पूरे भारत वर्ष में प्रचलित हुई. इस बार अन्नकूट और गोवर्धन पूजा का पर्व 15 नवंबर यानी रविवार को मनाया जा रहा है.