छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच चुनावी जंग लंका के मैदान में तब्दील हो चुकी है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बीजेपी को कैकई और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को मंथरा करार दिया है. इससे आग बबूला भागवा पार्टी ने कांग्रेस को असुरों की पार्टी कहा है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने रविवार को रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बीजेपी के लिए कई ऐसे पात्रों का उल्लेख किया जो रामायण में अपने कार्यों के लिए चर्चित हैं.
सिंघवी ने बीजेपी को कैकई और आरएसएस को मंथरा बताकर दोनों पर ही तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मंथरा और कैकई की जोड़ी ने भगवान राम को 30 सालों से वनवास दे रखा है. बीजेपी को सिर्फ चुनाव के समय ही राम याद आते हैं. वह भी अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने के लिए. उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किस वजह से साढ़े चार सालों तक इस पर कानून बनाने की बातें नहीं की गईं, लेकिन अब अध्यादेश लाने की बात कही जा रही है. सिंघवी ने इस मामले में बीजेपी और आरएसएस दोनों को जमकर कोसा.
वहीं कांग्रेस के बयान से बीजेपी आग बबूला है. उसने कांग्रेस को असुरों की पार्टी और कपिल सिब्बल को रावण करार दिया है. बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोनी ने कहा कि कांग्रेस अपनी बौखलाहट के चलते अनर्गल बयानबाजी कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार नजर आ रही है, इसलिए उसके नेता इस किस्म के अनर्गल बयान दे रहे हैं.
बीजेपी प्रदेश प्रभारी अनिल जैन ने अभिषेक मनु सिंघवी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि राम के वजूद को कांग्रेस ने नकारा है. उन्होंने कहा, 'हमें कैकई और मंथरा कहने वाली कांग्रेस और सिंघवी को शर्म आनी चाहिए.'
जैन इतने नाराज हुए कि उन्होंने कहा कपिल सिब्बल मारिच हैं क्या? काल यमन के रूप धारण किया है क्या? कपिल सिब्बल जो हमेशा रूप बदलते हैं, और राम मंदिर को रुकवाने के लिए हलफनामा दायर करते हैं. अनिल जैन ने कहा कि बीजेपी का साफ कहना है कि राम मंदिर वहीं राम जन्मभूमि पर बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि रावण का रूप धारण करके कांग्रेस ने राम मंदिर पर भ्रम फैलाने का काम किया है.
कांग्रेस के बयान के बाद बीजेपी इतनी आक्रमक हो गई है कि उसके नेता कांग्रेसी नेताओं का नामकरण मारिच, काल यमन, कुम्भकरण और मेघनाथ के नामों से करने लगे हैं. दोनों पार्टियों के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है.