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नीतीश चाहते हैं बिहार के बच्चों को विदेशी शराब की लत लगे : मांझी

1 अप्रैल से बिहार में लागू होने जा रहे शराबबंदी के विरोध में जीतनराम मांझी ने 'वाइन फॉर नीतीश कैबिनेट' कैंपेन शुरू करने की घोषणा की है.

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बिहार में कानून व्यवस्था की खस्ता हालत को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. मांझी ने एक अप्रैल से 'वाइन फॉर नीतीश कैबिनेट' कैंपेन शुरू करने की भी घोषणा भी की है.

बिहार में शराबबंदी सिर्फ नाटक
कैंपेन में नीतीश सरकार के नेताओं को शराब की खाली बोतलें भेजी जाएंगी. जीतन मांझी ने अपने बयान में कहा कि नीतीश सरकार ऐसा फैसला लेने जा रही है जिसपर वह अमल ही नहीं कर पाएगी. मांझी के मुताबिक 1 अप्रैल से बिहार को शराबमुक्त राज्य बनाने का नीतीश सरकार का फैसला हमेशा संदेह के घेरे में रहा है. नीतीश सरकार 1 अप्रैल से बिहार में उस शराब की बिक्री पर रोक लगाने जा रही है जो भारत में बनी हो. इसका सीधा मतलब है कि सरकार पूरी तरह से शराब पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहती क्योंकि इससे राजस्व घटेगा.

विदेशी शराब भी हो बंद
मांझी ने नीतीश के इस फैसले पर चुटकी लेते हुए कहा कि नीतीश अब चाहते हैं कि बिहार के बच्चों को विदेशी शराब की लत लगे. नीतीश को इन उत्पादों की बिक्री पर भी तुरंत रोक लगानी चाहिए. मांझी ने यह बात बिहार में हाल ही में लॉन्च हुए बकार्डी ब्रीजर और कोला के संदर्भ में कही. इन उत्पादों में 4 प्रतिशत अल्कोहल होता है.

मांझी ने बिहार सरकार की ओर से दुष्कर्म पीड़िताओं को 500 रुपये पेंशन देने की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह कदम बलात्कार पीड़िताओं का अपमान करने जैसा है. इसकी जगह उनको सरकारी नौकरी देनी चाहिए, जिससे वह आसानी से जी सकें.

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