कहावत है कि जहां चाह वहां राह. हालात कैसे भी हो, यदि दिल में जज्बा है तो आप रेगिस्तान में भी पानी निकाल सकते हैं. बिहार के समस्तीपुर जिले को ही ले लीजिए, यहां के एक शख्स अपने गांव में करीब 20 साल से आइसक्रीम फैक्ट्री खोल कर बैठे हैं. खुद तो उद्यमी बन ही चुके हैं, अब काफी लोगों की रोजी-रोटी की वजह भी बने हुए हैं.
मुंबई से मंगाई थी मशीन
बिहार में चुनाव यात्रा पर निकली दी लल्लनटॉप की टीम जब समस्तीपुर पहुंची तब यहां के छोटे से गांव में आइसक्रीम फैक्ट्री देखने को मौका मिला. डिलीशियस नाम से आइसक्रीम बनाने वाली इस फैक्ट्री के मालिक राम अनुज चौधरी से भी मुलाकात हुई. उन्होंने बताया इस फैक्ट्री की शुरूआत उन्होंने वर्ष 2000 में की थी. इसके प्लांट की मेन मशीन मुंबई से मंगाई थी.
20 लाख रुपये का निवेश
फैक्ट्री की कुल लागत के बारे में राम अनुज ने बताया कि इसमें अब तक 20 लाख रुपये लग चुके हैं. अलग-अलग काम के लिए अलग अलग मशीनें हैं और साथ में बहुत सारे डीप फ्रीजर भी हैं जिसमें तैयार आइसक्रीम को रखा जाता है. राम अनुज को मुद्रा लोन से भी आर्थिक सहयता मिली है जिससे काम में थोड़ा और विस्तार हुआ है. मौजूदा वक्त में फैक्ट्री वर्कर और आइसक्रीम बेचने वालों को मिलाकर करीब 40 लोगों की रोजी-रोटी राम अनुज की आइसक्रीम फैक्ट्री से जुड़ी हुई है.
बिजली से बढ़ा काम
राम अनुज चौधरी की मानें तो नीतीश कुमार के शासन में 2014 के बाद से बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है. इससे काम अच्छा हुआ है. आइसक्रीम के काम में बिजली का बहुत बड़ा रोल होता है. हालांकि वह अपने स्थानीय जदयू के विधायक से ज्यादा खुश नहीं. राम अनुज की नजर में दो बार के विधायक रह चुके राजकुमार ने क्षेत्र के लिए ज्यादा काम नहीं है.
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