बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के अवैध संपत्ति को जब्त करने के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए पटना जिला प्रशासन ने एक और भ्रष्ट अधिकारी रघुवंश कुंवर के आलीशान मकान को अपने कब्जे में ले लिया है. काली कमाई से बनाए गए चार मंजिला मकान में सरकार ने वृद्धाश्रम खोलने का निर्णय लिया है.
जिला प्रशासन ने चार मंजिला मकान के साथ-साथ इस भ्रष्ट अधिकारी के खाली पड़े तीन कट्ठा जमीन पर भी कब्जा कर लिया है. पटना जिला प्रशासन ने पूर्व एमवीआई अधिकारी रघुवंश कुंवर और उनकी पत्नी ललिता देवी के पटना के पत्रकार नगर स्थित आलिशान मकान को बुधवार को अपने कब्जे में लिया . मकान और जमीन पर कब्जा करते वक्त आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. पूर्व एमवीआई अधिकारी रघुवंश कुंवर पर 2011 से ही आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला चल रहा है. पटना जिला के अपर समाहर्ता वजैनुद्दीन अंसारी के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की गई.
पहले ही हटा लिया था सामान
पूर्व एमवीआई अधिकारी रघुवंश कुंवर की संपत्ति की जब्ती का आदेश सक्षम न्यायालय ने 09 अगस्त 2016 को पटना जिला प्रशासन को दिया था. इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को संपत्ति जब्त कर ली. जिला प्रशासन की टीम जब पूर्व एमवीआई के घर पहुंची तो घर के मेन गेट पर ताला लगा था. उस वक्त घर का कोई सदस्य मौजूद नहीं था. इसके बाद कार्रवाई करते हुए टीम ताला तोड़ कर अंदर घुस गई. घर का अधिकांश सामान मकान मालिक ने पहले ही हटा लिया था. एक फ्लोर पर बरामद हुए एक-दो टीवी व सोफा को जब्त कर उसकी जब्ती सूची तैयार कर ली गई.
बिहार सरकार की हुई संपत्ति
जिला प्रशासन ने मकान के बाहर लाल रंग से मकान और जमीन के जब्त किए जाने की सूचना लिखी. जिसमें लिखा गया कि यह संपत्ति अब बिहार सरकार की होगी. इस मामले में पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मकान में मकान में क्या खोला जाये, यह निर्णय सरकार लेगी. हालांकि इससे पहले इलाके का निरीक्षण किया जाएगा ताकि जब्त परिसर में स्कूल, वृद्धा आश्रम, छात्रावास या कुछ और खोलने की अनुशंसा की जा सके.