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स्वास्थ्य के साथ आपकी टैक्स बचत का ध्यान भी रखेगा हेल्थ इंश्योरेंस

Impact Feature

हमारे देश में ज़्यादातर लोग हेल्थ इंश्योरेंस को एक ज़रूरी निवेश के तौर पर नहीं देखते. जागरुकता की कमी के साथ, इसकी एक वजह यह भी है कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपको तुरंत किसी तरह का फायदा नहीं देती, जिस तरह की उम्मीद ज़्यादातर लोगों को अपने निवेश से रहती है

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • हेल्थ इंश्योरेंस एक ऐसा निवेश है जो हमारे लिए बेहद ज़रूरी हैI

जब बात आती है मेडिकल बिल के खर्च से निपटने की, तो हेल्थ इंश्योरेंस इस काम में आपका बखूबी साथ निभाता है. कई लोग जानते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस के कई फायदे हैं, जैसे यह अस्पताल का खर्च, जांच का खर्च, एंब्युलेंस वगैरह के बड़े खर्च उठाने में आपका साथी बनता है. हालांकि, कुछ ही लोग जानते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स बचत में भी आपकी मदद करता है.

हेल्थ इंश्योरेंस एक ऐसा निवेश है जो हमारे लिए बेहद ज़रूरी हैI लेकिन हमारे साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हमारे देश में ज़्यादातर लोग हेल्थ इंश्योरेंस को एक ज़रूरी निवेश के तौर पर नहीं देखते. जागरुकता की कमी के साथ, इसकी एक वजह यह भी है कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपको तुरंत किसी तरह का फायदा नहीं देती, जिस तरह की उम्मीद ज़्यादातर लोगों को अपने निवेश से रहती है. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपातकाल में काम आती है और यह ज़रूरत के समय जीवन रक्षक के तौर पर आपका सहारा बनती है. हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे जानते हुए और जीवन को सुरक्षा देने वाले हेल्थ इंश्योरेंस के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए, भारत सरकार ने आय पर लगने वाले टैक्स में छूट का प्रावधान रखा है. आय-कर अधिनियम, 1961 के अनुच्छेद 80डी के तहत, एक व्यक्ति हेल्थ इंश्योरेंस के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम के लिए आय-कर में छूट पा सकता है. ऐसा इसलिए किया गया ताकि लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदें, साथ ही इससे देशभर में हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच हो पाए.

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अनुच्छेद 80डी का यह प्रावधान, किस तरह पैसे बचाने में लोगों की मदद करता है?

अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय/कमाई आय-कर के दायरे में आ रही है, तो वह व्यक्ति अपने हेल्थ इंश्योरेंस के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर आय-कर में छूट का दावा कर सकता है. एक व्यक्ति अपने निजी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान या परिवार के हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर साल में रु. २५०००/- तक की टैक्स बचत पा सकता है, जिसे आम तौर पर फ़्लोटर पॉलिसी कहा जाता है, जिनमें व्यक्ति के साथ उनका जीवनसाथी और बच्चे शामिल होते हैं. टैक्स बचत की यह सीमा ६० वर्ष से कम उम्र के लोगों पर लागू होती है.

इसके अलावा, एक व्यक्ति अपने माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस के लिए दिए जाने वाले प्रीमियम पर भी टैक्स छूट का दावा कर सकता है. अगर माता-पिता की उम्र ६० वर्ष से कम है, तो रु. २५०००/- की अतिरिक्त टैक्स छूट का लाभ भी उठाया जा सकता है. इसलिए, कुल मुलाकर, एक व्यक्ति अपने परिवार और माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर रु. ५००००/- की टैक्स छूट का लाभ ले सकता है.

स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम उम्र के साथ बढ़ते हैं. हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां इसे एक भार के तौर पर देखती हैं, जिसकी वजह से उम्र दराज़ लोगों के लिए प्रीमियम थोड़ा ज़्यादा होता है. साथ ही, उम्र दराज़ लोगों में पहले से भी स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां होने की आशंका होती है, जिससे उनकी पॉलिसी का प्रीमियम बढ़ सकता है. बढ़े हुए प्रीमियम के इस बोझ को कम करने के लिए, आय-कर अधिनियम, १९६१ के अनुच्छेद 80डी में उन लोगों के लिए रु. ५००००/- की टैक्स छूट शामिल है, जो ६० वर्ष से ज़्यादा उम्र के हैं और उन्हें अपना , अपने जीवनसाथी और बच्चों के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान करना होता है.

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इसी तरह, ६० वर्ष से ज़्यादा उम्र के माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर रु. ५००००/- की अतिरिक्त टैक्स छूट का फायदा लिया जा सकता है. कुल मिलाकर, ६० वर्ष से ज़्यादा उम्र का व्यक्ति अपने परिवार और माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर रु. १०००००/- तक की टैक्स छूट पा सकता है. इसके अलावा, अविभाजित हिंदू परिवार (HUF) या जॉइंट हिंदू फ़ैमिली के सदस्य अनुच्छेद 80डी के तहत रु. २५०००/- की टैक्स छूट पा सकता है. साथ ही, अगर परिवार के मुखिया की उम्र 60 वर्ष से ज़्यादा है, तो यह टैक्स छूट सालाना रु. ५००००/- तक हो सकती है.

एनआरआई या प्रवासी भारतीय भी अनुच्छेद 80डी के तहत रु. २५०००/- तक की टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं. इसके लिए यह ज़रूरी है कि आपने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी भारत में ही खरीदी हो, इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं है.

यह टैक्स छूट सिर्फ़ हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर ही लागू नहीं होती, यह छूट Preventive Health Check-ups (नियमित स्वास्थ्य जांच) पर भी लागू होती है. ६० वर्ष से कम उम्र के लोग Preventive Health Check-up (नियमित स्वास्थ्य जांच) पर रु. ५०००/-, वहीं ६० वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोग इसके लिए रु. ७०००/- की टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं.

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अनुच्छेद 80डी के तहत टैक्स छूट इस तरह के हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं. साथ ही, टैक्स छूट की वजह से ही लोग इन्हें हर साल रिन्यू भी करवाते हैं, क्योंकि इस छूट का लाभ हर साल उठाया जा सकता है. इस तरह की छूट से राइडर प्लान यानी टॉप-अप प्लान या critical illness plans (गंभीर रोग से जुड़े प्लान) के प्रीमियम का भुगतान किया जा सकता है. हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस टैक्स छूट का फायदा ग्रुप मेडिक्लेम पॉलिसी (GMC) पर नहीं पाया जा सकता, क्योंकि उनमें प्रीमियम का भुगतान कंपनी या कंपनी का मालिक करता है.

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