केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आदेश जारी करते हुए कहा है कि वे स्ट्रेस को कम करने और रिफ्रेश रहने के लिए वाई ब्रेक यानी योग विराम लें. सरकार की ओर से कहा गया है कि कर्मचारी अपनी कुर्सी पर ही योग कर सकते हैं.
इस आदेश के पीछे केंद्र सरकार का मकसद है कि लोगों पर काम का प्रेशर न बनें और वे स्ट्रेस फ्री रहकर अपने काम पर ध्यान दे पाएं. केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को इस नए योग ब्रेक प्रोटोकॉल को अपनाने के लिए कहा है.
केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने कार्यस्थल पर योग ब्रेक लेने की रूपरेखा तैयार की है. यह उन अधिकारियों के लिए सबसे बढ़िया है, जिनका काफी बिजी शेड्यूल रहता है और इसी वजह से वे बाहर जाकर योग के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं.
12 जून को जारी केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब अधिकारी हो या कर्मचारी, सभी लोग काम से छोटा ब्रेक लेकर अपनी ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे ही योग कर सकेंगे.
आपको बता दें कि ये वाई ब्रेक सुविधा ऑफिस में बैठने वाले कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार की एक अच्छी साबित हो सकती है. दरअसल, कई घंटों तक लगातार एक जगह बैठने से शरीर को नुकसान पहुंचता है. रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेस का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से डॉक्टर्स की ओर से भी सलाह दी जाती है कि अगर बैठकर काम करते हैं तो थोड़ी-थोड़ी देर में हल्का फुल्का चलना फिरना चाहिए.
सरकारी ऑफिसों में यह योग ब्रेक कर्मचारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. खास बात है कि वे अपनी जगह पर ही हल्के योग आसन कर सकते हैं. इससे उन्हें मानसिक रूप से काफी फायदे मिलेगा.