हवाई यात्रा से पहले अमूमन हम सभी सुरक्षा के मद्देनजर मौसम से जुड़ी चेतावनियों पर तो ध्यान देते ही हैं. लेकिन क्या कभी आपके मन में ये ख्याल आया है कि जिस प्लेन में आप यात्रा करने वाले हैं, उसके पायलट की कहीं बीच रास्ते में तबीयत बिगड़ गई तो क्या होगा?
सोशल मीडिया पर एक पूर्व कॉमर्शियल पायलट के इंटरव्यू का वीडियो वायरल हो रहा है जिसके जरिये इसी बात को लेकर चिंता जताई जा रही है. वीडियो शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' के संस्थापक क्लॉस एम श्वाब ने आदेश दिया है कि फोरम के सदस्यों को दावोस सिर्फ वही पायलट ले जाएंगे जिन्होंने कोविड वैक्सीन न लगवाई हो.
दरअसल, दावोस, स्विट्जरलैंड का एक शहर है जहां इन दिनों 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' की सालाना बैठक चल रही है. 16 जनवरी को शुरू हुई ये बैठक 20 जनवरी तक चलेगी.
वायरल वीडियो में सफेद रंग की यूनिफॉर्म पहने हुए एक शख्स नजर आ रहा है. वो अंग्रेजी में अपनी बात रखता है, जिसका हिंदी अनुवाद है, “'यूएस फ्रीडम फ्लायर्स' के अध्यक्ष जॉश योडर ने कहा कि उनके पास अमीर व्यवसायियों के फोन आ रहे हैं. उनकी मांग है कि उन्हें ऐसे बिजनेस जेट मुहैया कराए जाएं जिनके क्रू को वैक्सीन न लगी हो. ऐसे संपन्न लोगों के पास चुनने की सुविधा है.
यूनाइटेड स्टेट में अभी भी ऐसे कई फ्लाइट क्रू सदस्य हैं जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है. इसकी वजह ये है कि जहां वो काम करते हैं, वहां ये अनिवार्य नहीं था. वहीं, सामान्य यात्री जो किसी एयरलाइन की टिकट खरीद कर हवाई सफर करते हैं, उनके पास ये चुनने का विकल्प नहीं होता."
एक ट्विटर यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, "क्लॉस श्वाब ने आदेश दिया है कि फोरम के सदस्यों को दावोस सिर्फ वही पायलट ले जाएंगे जिन्होंने वैक्सीन न लगवाई हो. ये निर्णय उन्होंने सुरक्षा संबंधी खतरों को ध्यान में रखते हुए लिया है. सूत्रों के मुताबिक, फोरम के सदस्य उन्हीं हवाई जहाजों में यात्रा करते हैं जिनके पायलट को वैक्सीन न लगी हो."

ब्लू टिक वाले कई वेरीफाइड ट्विटर हैंडल भी इस वीडियो को पोस्ट करते हुए यही दावा कर रहे हैं. इस तरह की पोस्ट्स को हजारों लोग शेयर कर रहे हैं.

ऐसी ही कुछ पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है. इन पोस्ट्स पर कमेंट करने वाले कई लोग ऐसी आशंका जाहिर कर रहे हैं कि जरूर ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जो पायलट वैक्सीन लगवा चुके हैं, उनकी फ्लाइट के दौरान ही मौत हो सकती है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि क्लॉस श्वाब ने ऐसा आदेश कभी नहीं दिया कि 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' के सदस्यों को सिर्फ वही पायलट दावोस ले जाएंगे जिन्होंने कोरोना वैक्सीन न लगवाई हो. इस बात का कोई सबूत नहीं है.
कहां से आया ये वीडियो?
वीडियो के बारे में थोड़ी खोजबीन करने पर हमें इसका एक ऐसा वर्जन मिला जिसमें सफेद यूनिफॉर्म वाले शख्स के साथ ही, लाल रंग के कपड़ों में एक एंकर भी दिखाई दे रही हैं. जहां वायरल वीडियो धुंधला है, वहीं ये वाला वीडियो स्पष्ट है.
इसमें एंकर का नाम "Maria Zeee" लिखा हुआ है. वहीं, सफेद यूनिफॉर्म वाले शख्स का नाम "Alan Dana Fmr Jetstar Pilot" लिखा है. Jetstar ऑस्ट्रेलिया की एक एयरलाइन कंपनी है.
The WEF don't trust the jab and want Pureblood pilots to fly their jets for #Davos 👀 pic.twitter.com/C3XR0beGUu
— Ottawa Gestapo (@OttawaGestapo) January 15, 2023
दरअसल, ये वीडियो जुलाई, 2022 के एक इंटरव्यू से लिया गया है. इस इंटरव्यू में एलन, जो कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पायलट हैं, मारिया जी नाम की एंकर के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे थे.
'स्काईन्यूज ऑस्ट्रेलिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक एलन एक अनुभवी पायलट हैं जिन्हें कोविड महामारी के दौरान इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने वैक्सीन लगवाने से इंकार कर दिया था. इसके बाद एलन ने कंपनी पर मुकदमा कर दिया था.
वैक्सीन-विरोधी ग्रुप्स से जुड़े हैं तार
वीडियो में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पायलट एलन, 'यूएस फ्रीडम फ्लायर्स' के अध्यक्ष जॉश योडर का जिक्र करते हैं. वायरल वीडियो के बारे में जॉश योडर ने 16 जनवरी, 2023 को एक ट्वीट के जरिये अपनी प्रतिक्रिया दी. वो लिखते हैं, "क्लिकबेट पत्रकारिता बहुत दुखदायी है. मैंने ऐसा कभी नहीं कहा था कि 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' या दावोस ने हमसे ऐसे पायलट्स मुहैया कराने के लिए संपर्क किया है जिन्हें वैक्सीन न लगी हो. मैंने सिर्फ ये कहा था कि अमीर व्यवसायियों ने हमसे संपर्क करके ऐसे पायलट्स मुहैया कराने की मांग की है. जो भी इस किस्म का कचरा फैला रहा है, उसे अनफॉलो करें."
Click bait journalism is a scourge. I never said that the WEF/Davos has reached out looking for unvaccinated pilots. What I did say was that wealthy businessmen have reached out to me for that purpose. Unfollow anyone spreading this garbage.@USFreedomFlyers @TuckerCarlson
— Josh Yoder (@JoshYoder) January 15, 2023
जॉश योडर और एलन डेना- दोनों ही एयरलाइन प्रोफेशनल्स के ऐसे समूहों से जुड़े हुए हैं जो अनिवार्य कोविड टीकाकरण के खिलाफ हैं. 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' ने वैक्सीन लगवाए हुए पायलट्स को फोरम सदस्यों को दावोस ले जाने से मना करने वाला कोई आदेश जारी नहीं किया है. बल्कि इसके उलट, 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' ने तो अपने ट्वीट्स के जरिये कोविड टीकाकरण के लिए समर्थन ही जाहिर किया है.
'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम', डब्लूएचओ और यूनिसेफ जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर जरूरतमंद देशों में वैक्सीन पहुंचाने का भी काम कर रहा है.
During #WorldImmunizationWeek learn how @wef is working with @UNICEF @WHO @gavi @CEPIvaccines and leading shipping, airline and logistics companies to support global vaccine equity.https://t.co/V4StGUKllb#LongLifeForAll pic.twitter.com/duxhMaRAEv
— World Economic Forum (@wef) April 26, 2022
क्या है 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम'?
'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' एक अंतराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 1971 में हुई थी. इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में है. ये फोरम राजनीति, व्यवसाय, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों के लीडर्स को मंच देता है ताकि वो मिलकर अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और औद्योगिक एजेंडे तय कर सकें.
दावोस में चल रही 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' की सालाना बैठक में 130 देशों के 2,700 से भी अधिक नेता शामिल हो रहे हैं. इस साल बैठक में यूक्रेन संकट, वैश्विक मुद्रास्फीति, जयवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा की संभावना है.
कुल मिलाकर बात साफ है, कोविड वैक्सीन के प्रति लोगों में डर पैदा करने के मकसद से कहा जा रहा है कि 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' के सदस्य ऐसे हवाई जहाजों में ही दावोस जा रहे हैं जिनके पायलट्स ने वैक्सीन न लगवाई हो.