माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस सलाहकार डॉ एंथनी फॉसी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें दोनों एक साथ पैदल चलते हुए दिख रहे हैं. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि ये दोनों लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और न ही मास्क लगा रहे हैं.
तस्वीर के ऊपर लिखा है, “इन दो दैत्यों के लिए कोई सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का नियम नहीं है, जिन्होंने पूरी दुनिया को ठप करके रखा है.”

सच क्या है?
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि इस वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. यह तस्वीर दिसंबर 2018 में ली गई थी और इसका कोरोना वायरस महामारी से कोई लेना-देना नहीं है.
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तस्वीर को अलग-अलग कैप्शन के साथ शेयर किया है. एक पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है, “अगर कोई अधिकारी आपको मास्क न पहनने के लिए रोके तो यह तस्वीर दिखा देना.” पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
रिवर्स सर्च की मदद से खोजने पर इस तस्वीर का स्रोत पता चला. सार्वजनिक स्वास्थ्य पर शोध करने वाली अमेरिकी एजेंसी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की वेबसाइट (NIH) पर इस वायरल तस्वीर का अनक्रॉप्ड वर्जन मौजूद था. इस वेबसाइट के अनुसार, यह तस्वीर 11 दिसंबर 2018 को खींची गई थी, जब बिल गेट्स ने एक वर्कशॉप के लिए मैरीलैंड के बेथेस्डा में NIH का दौरा किया था।
यह तस्वीर NIH के फ्लिकर अकाउंट पर भी उपलब्ध है, जिसका शीर्षक है, “NIH ने बिल गेट्स और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर वैश्विक स्वास्थ्य पर अपनी पांचवीं वार्षिक परामर्श कार्यशाला आयोजित की. यह कार्यशाला 11 दिसंबर 2018 को बेथेस्डा में हुई.”

असली तस्वीर में बिल गेट्स NIH के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी और इन्फेक्शन डिजीज विभाग के निदेशक डॉ एंथनी फॉसी और NIH के निदेशक डॉ फ्रांसिस कॉलिन्स दिख रहे हैं.
डॉ एंथनी फॉसी व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस टास्क फोर्स के सदस्य भी हैं. हाल ही में डॉ फॉसी समेत व्हाइट हाउस कोरोना वायरस टास्क फोर्स के तीन सदस्यों ने कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की आशंका के चलते खुद को आइसोलेट कर लिया था. हालांकि, डॉ फॉसी के संस्थान ने कहा कि उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट नगेटिव आई है और उनकी नियमित रूप से जांच की जाएगी.
संयुक्त राज्य अमेरिका में 15 मई की शाम तक 87,000 मौतें हो चुकी हैं और करीब 15 लाख कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं.