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फैक्ट चेक: पुलिस बर्बरता का पुराना वीडियो ट्रैफिक चेकिंग का बताकर वायरल

इस पोस्ट के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है और पुलिस ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर एक वाहन मालिक को पीट रही है.

इस फोटो से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है इस फोटो से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है

जब से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर अफवाहें भी गरम हैं. कई ऐसे वीडियो वायरल हो चुके हैं जिनमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि पुलिस नए ट्रैफिक नियमों की आड़ में चेकिंग के बहाने लोगों के साथ ज्यादती कर रही है.

इसी तरह का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें पुलिस एक आदमी को पुलिस स्टेशन के सामने ही पीट रही है. इस पोस्ट के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है और पुलिस ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर एक वाहन मालिक को पीट रही है.

फेसबुक पेज 'AjabGajab' ने यह वीडियो 14 सितंबर, 2019 को पोस्ट किया है. इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है, 'आज शनिवार को गौर थाना की पुलिस ने वाहन चेकिंग के नाम पर मचाई आतंक घसीट घसीट कर वाहन मालिक को मारा गया आज 14 तारीख यह है बस्ती जिले के गौर थाने की पुलिस इन लोगों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए'.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह दावा गलत है. यह घटना दो साल पुरानी है और इसका ट्रैफिक चेकिंग से कोई लेना देना नहीं है.

स्टोरी लिखे जाने तक 25 सेकेंड के इस वीडियो को 5,07,000 लोग ​देख चुके हैं और 9,300 लोग शेयर कर चुके हैं. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. कई लोगों ने इसे ट्विटर पर भी शेयर किया है.

इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी थाने के सामने एक आदमी को पीटते और घसीटते हुए दिख रहे हैं और आसपास कुछ लोग खड़े होकर देख रहे हैं. पीछे से एक महिला की आवाज भी सुनी जा सकती है जो पुलिस वालों से उसे छोड़ देने की अपील कर रही है.

जब पुलिस वाले आदमी को घसीट कर थाने में ले जा रहे हैं, एक पुलिसवाला वीडियो शूट कर रहे आदमी से उसका परिचय पूछता है. जवाब में उस आदमी की आवाज सुनाई देती है कि वह रिपोर्टर है. वीडियो में एक जगह बोर्ड पर 'थाना गौर, जनपद बस्ती' लिखा हुआ भी देखा जा सकता है.

गूगल पर कीवर्ड्स 'Basti man beaten by police' डालकर सर्च करने पर हमें 'Samachar Plus'  की एक न्यूज क्लिप मिली. इसे 14 नवंबर, 2017 को प्रकाशित किया गया है. इसके कैप्शन में लिखा गया है, 'यूपी पुलिस का डरावना चेहरा: बस्ती में आदमी को पीटती पुलिस का वीडियो'. इस न्यूज क्लिप में उसी वीडियो का इस्तेमाल हुआ है जो वायरल की जा रही है.

इस न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 14 नवंबर, 2017 को बस्ती के गौर थाने की है. यह आदमी नशे की हालत में था और लोगों को परेशान कर रहा था. इस घटना को लेकर 'पत्रिका'  ने भी खबर प्रकाशित की थी.

अंग्रेजी अखबार 'द टाइम्स आफ इंडिया' ने भी उसी दिन, उसी सूचना के साथ यह वीडियो अपलोड किया था.

हाल ही में इस वीडियो के वायरल होने के बाद बस्ती पुलिस ने ट्विटर पर इसका जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि यह घटना 2017 की है.

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वीडियो का ट्रैफिक चेकिंग से कोई संबंध नहीं है. वीडियो में जो पुलिसकर्मी दिख रहे हैं उन्होंने ठंडी का यूनिफॉर्म पहना है, इसलिए इस वीडियो का मौजूदा ट्रैफिक चेकिंग से कोई लेना देना नहीं है.

बस्ती में पुलिस द्वारा व्यक्ति की पिटाई की यह घटना कैमरे में कैद हो गई थी और इस क्रूरतापूर्ण बर्ताव के लिए यूपी पुलिस को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था. इस वीडियो के साथ वायरल हो रहा दावा गलत है कि पुलिस ने ऐसा ट्रैफिक चेकिंग के दौरान किया.

इससे पहले इस दावे को फैक्ट चेक वेबसाइट 'Factly'   ने भी खारिज किया था.

फैक्ट चेक

फेसबुक यूज़र 'AjabGajab'

दावा

हाल ही में बस्ती पुलिस ने ट्रैफिक चेकिंग के दौरान व्यक्ति की पिटाई की.

निष्कर्ष

यह वीडियो दो साल पुराना है और इसका ट्रैफिक चेकिंग से कोई लेना देना नहीं है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
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  • कौवे: पूरी तरह गलत
फेसबुक यूज़र 'AjabGajab'
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