scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: क्या फिंगरप्रिंट के आकार की यह बिल्डिंग असली है?

सोशल मीडिया पर फिंगरप्रिंट जैसी किसी संरचना की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह दरअसल, थाईलैंडकी एक इमारत और इसका नाम फिंगरप्रिंट बिल्डिंग है. क्या है इस दावे की हकीकत? जानिए फैक्ट चेक में.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
थाईलैंड के बैंकॉक में फिंगरप्रिंट के आकार की बिल्डिंग.
फेसबुक पेज “World’s Amazing Factz” व अन्य
सच्चाई
यह कोई वास्तविक बिल्डिंग नहीं, बल्कि एक तरह का डिजिटल आर्टवर्क है.

सोशल मीडिया पर फिंगरप्रिंट जैसी किसी संरचना की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह दरअसल, थाईलैंड की एक इमारत और इसका नाम ‘फिंगरप्रिंट बिल्डिंग’ है.

फेसबुक पेज “World’s Amazing Factz” ने यह तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन लिखा है, “थाईलैंड में फिंगरप्रिंट बिल्डिंग”.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि जिस संरचना की तस्वीर वायरल हो रही है यह कोई वास्तविक बिल्डिंग नहीं है, बल्कि एक तरह का डिजिटल आर्टवर्क है जिसे एक एडवरटाइजिंग एजेंसी ने एक मार्केटिंग कंपनी के लिए बनाया है.

यह पोस्ट फेस​बुक के साथ ट्विटर पर भी वायरल है. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

AFWA की पड़ताल

वायरल तस्वीर के साथ किये जा रहे दावे की पड़ताल के लिए हमने गूगल पर रिवर्स सर्च किया और पाया कि ‘फिंगरप्रिंट बिल्डिंग’ कोई असली बिल्डिंग नहीं है, बल्कि यह एक डिजिटल कलाकारी है. हमें कुछ आर्टिकल मिले, जिनमें यह दावा किया गया है कि यह डिजिटल आर्टवर्क थाईलैंड में बैंकॉक के पास स्थित एडवर्टाइजिंग एजेंसी SpicyH के एक मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा था.

Advertisement

SpicyH ने यह आर्टवर्क बैंकॉक की ही ‘It Works’ नाम की एक कंपनी के लिए बनाया था जो कि फिंगरप्रिंट सिक्योरिटी सिस्टम, जैसे सॉफ्टवेयर और पैनल का निर्माण करती है. SpicyH ने तीन डिजाइन तैयार किए थे- घर, ऑफिस और लैब- जिन्हें यहां देखा जा सकता है. इस कैंपेन के विवरण में बताया गया है कि यह प्रचार अभियान मार्च, 2011 को प्रसारित हुआ था.

इस तरह पड़ताल में यह साफ हुआ कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा सच नहीं है कि यह तस्वीर किसी असली बिल्डिंग की है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Advertisement