
क्या टाटा मोटर्स एक क्विज प्रतियोगिता के तहत लोगों को मुफ्त में टाटा सफारी कार दे रही है? सोशल मीडिया पर एक वेब लिंक और उसका स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि टाटा मोटर्स 30 मिलियन से ज्यादा बिक्री का जश्न मना रही है और कुछ सवालों के जवाब देकर आपको टाटा सफारी जीतने का मौका मिल सकता है.
इस पोस्ट में एक वेब लिंक दिया गया है, जिस पर क्लिक करते ही एक पेज खुलता है. इसमें सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में टाटा मोटर्स लिखा दिखता है. इसके बाद "टाटा मोटर्स कार्स की तरफ से फ्री गिफ्ट. शुभकामनाएं" लिखा है. पेज के विवरण में दो लाइनें लिखी हैं, "टाटा मोटर्स कार्स 30 लाख से ज्यादा की बिक्री का जश्न मना रही है. कुछ सवालों के जवाब देकर आप टाटा सफारी जीत सकते हैं." ठीक इसके नीचे टाटा सफारी कार की तस्वीर है. इसके बाद कुछ सवाल दिए गए हैं जिनका जवाब देने के बाद टाटा सफारी जीतने का मौका मिलने का दावा किया जा रहा हैं.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत है. पोस्ट में शेयर किया जा रहा वेब लिंक फर्जी है जिसे लोगों का डेटा चोरी करने के मकसद से बनाया गया है. टाटा मोटर्स की ओर से इस तरह का कोई भी ऐलान नहीं किया गया है.
एक ट्विटर यूजर ने वायरल वेब लिंक को शेयर करते हुए टाटा मोटर को टैग करके लिखा, "प्रिय महोदय, हर कोई "टाटा सफारी" को मुफ्त में जीतने के लिए एक मैसेज लिंक फैला रहा है. क्या यह सही लिंक है.?????",
फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सएप पर ये पोस्ट खूब शेयर हो रही है. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां और यहां देखा जा सकता है.
इस दावे की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वायरल लिंक पे क्लिक किया तो सबसे पहले हम इस कथित "टाटा मोटर्स" के पेज पर पहुंचे. पेज पर टाटा सफारी कार की तस्वीर के बाद 4 सवालों का सेट दिया हुआ है. इन सवालों के जवाब देने पर बधाई देते हुए बताया गया कि आपने टाटा सफारी जीत ली है. साथ में ये भी कहा गया कि प्रचार के तौर पर इस बारे में 5 ग्रुप्स या 20 दोस्तों को बताइए. इसके बाद आपको अपना पता देते हुए रजिस्ट्रेशन पूरा करने को कहा जाता है. अंत में बताया जाता है कि ये उपहार 5-7 दिनों में आप तक पहुंचा दिया जाएगा.

इस पेज पर दिए गए सवालों का हमने कई बार जवाब दिया तो पाया कि विजेता का चयन हर बार दूसरे मौके पर ही किया जाता है. इससे पता चलता है कि ये लिंक फर्जी है. इसके अलावा हमने पाया कि वायरल हो रहे लिंक का यूआरएल टाटा मोटर्स की आधिकारिक वेबसाइट के यूआरएल से एकदम अलग है.
हमने कुछ की वर्ड्स की मदद से खोजने की कोशिश की कि क्या हाल में टाटा मोटर्स की ओर से किसी तरह की प्रतियोगिता आयोजित की गई है. हमें इस बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली.
पड़ताल के दौरान हमें टाटा मोटर्स के आधिकारिक फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पे 6 जून की पोस्ट मिली, जिसमें कहा गया है, "हमारी जानकारी में आया है कि टाटा मोटर्स की ओर से प्रतियोगिता और मुफ्त कार देने की आड़ में दुर्भावनापूर्ण इरादे से सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल की जा रही हैं. ये मैसेज डेटा चोरी के लिए फैलाए जा रहे हैं. टाटा मोटर्स ने ऐसी किसी प्रतियोगिता की घोषणा नहीं की है. जनता को सलाह दी जाती है कि ऐसे लिंक/संदेशों को क्लिक न करें या उनसे जुड़ने से परहेज करें." टाटा मोटर्स के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है !
टाटा मोटर्स ने मुफ्त में टाटा सफारी कार देने के मामले अपने ट्विटर हैंडल से एक यूजर को जवाब देते हुए बताया, "टाटा मोटर्स ने ऐसी किसी प्रतियोगिता की घोषणा नहीं की है और हम ऐसी योजनाओं से किसी भी तरह के जुड़ाव से इनकार करते हैं."
Hi dear @TataCompanies some of the fack people are using ur tata grup name and Tata safari
— Prajwalklgowda (@prajwalklgowda) June 9, 2021
This is the bellow link https://t.co/7IW6m7VgYH
Iam happy when its show u won a tata safari after that I got to no its fack It was vry unhappy moment for me do the need full.@RNTata2000 pic.twitter.com/vE7FbpSSd4
हमारी पड़ताल से ये बात साफ हो जाती है कि वायरल पोस्ट और वेब लिंक में किया जा रहा दावा फर्जी है. लेकिन इस तरह के दावे करने वाले फर्जी लिंक आए दिन क्यों प्रसारित होते हैं, इनका मकसद क्या है, इस बारे में हमने साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल से बात की. उन्होंने बताया, "इस तरह की पोस्ट का मकसद पैसा कमाना होता है. ये एक तरह की साइबर जालसाजी है. इस तरह के किसी लिंक पर जब कोई व्यक्ति लालच में क्लिक करता है तो उससे निजी जानकारियां जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल, जन्मतिथि और कई बार बैंक अकॉउंट डिटेल मांग लिया जाता है. साइबर ठग इस डेटा को अपने पास सेव कर लेते हैं और बाद में उसका दुरुपयोग करते हैं. लोगों के निजी डेटा को बाजार में बेच दिया जाता है. इन फर्जी लिंक को बिल्कुल शेयर नहीं करना चाहिए, वरना आप साइबर ठगों के चंगुल में फंस सकते हैं.