ईरान में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 2000 लोगों की जान जा चुकी है. इसी बीच आगजनी और अफरातफरी का एक डराने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो ईरान के ताजा हालात को दिखाता है.
वीडियो किसी शहरी इलाके का लग रहा है जहां एक किनारे पर कतार से कुछ कारें खड़ी हैं. कारों के पीछे भयानक आग लगी हुई है. कुछ लोग जलते हुए अंगारों जैसी चीजें फेंकते दिख रहे हैं. लगातार धमाकों की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं.
वीडियो को शेयर करते हुए एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, "1.5-1.85 मिलियन ईरानी आज रात सड़कों पर लड़ रहे है. 180 शहर जल रहे है… इस स्तर पर क्रांति फैल गई है. ईरानियों ने ठान लिया है इस्लाम मुक्त ईरान होने तक ये आजादी की जंग जारी रहेगी आर या पार. ईरानी इस्लाम शासन के आगे झुके नहीं बल्कि लड़ रहे."
ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है, न ही ईरान का है. ये ग्रीस का नवंबर 2025 का वीडियो है जब वहां एक रैप कॉन्सर्ट के बाद हिंसा भड़क गई थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे 2 नवंबर, 2025 को एक यूट्यूब अकाउंट पर पोस्ट किया गया था. यहां इसके साथ ग्रीक भाषा के कैप्शन में इसे ग्रीस के थेसालोनिकी शहर की घटना बताया गया है.
इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें इस वीडियो से संबंधित कुछ न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. 'ertnews.gr' वेबसाइट के मुताबिक ये घटना 1 नवंबर, 2025 को ग्रीस के Kaftatzoglio स्टेडियम में आयोजित लेक्स नामक रैपर के एक कॉन्सर्ट के बाद हुई थी.
रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्सर्ट खत्म होने के बाद वहां तकरीबन 50 लोगों के एक समूह ने हंगामा करना शुरू कर दिया. जिस जगह पर Ethniki Amynis और Agios Dimitriou नाम की सड़कें मिलती हैं, ये सारा बवाल वहां हुआ. उपद्रवी वहां मोलोटोव कॉकटेल फेंकने लगे, जो कि एक तरह का देसी हथियार है. ये एक कांच की बोतल के अंदर पेट्रोल जैसा कोई ज्वलनशील पदार्थ भरकर और एक बाती लगाकर बनाया जाता है.
उपद्रवियों के मॉलोटोव कॉकटेल फेंकने पर ग्रीस की पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके थे. इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
इस घटना के बारे में और भी कई खबरें छपी थीं जिन्हें यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है.
साफ है, ग्रीस में हुई हिंसा की एक घटना को ईरान में चल रहे हालिया प्रदर्शनों के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.