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फैक्ट चेक: मुंह से आग उगलती चिड़िया नहीं, ये है नजरों का धोखा

इन दिनों सोशल मीडिया पर लोग एक ऐसी चिड़िया का वीडियो शेयर कर रहे हैं जो पहली नजर में मुंह से आग उगलती हुई दिखती है. वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि इस्लाम में 1400 साल पहले ऐसी ही एक चिडि़या का जिक्र किया गया था और ये वही चिडि़या है.

मुंह से आग उगलती चिडि़या नहीं, ये है नजरों का धोखा मुंह से आग उगलती चिडि़या नहीं, ये है नजरों का धोखा

मुंह से आग उगलने वाले ड्रैगन के बारे में तो आपने कहानियों में सुना होगा. लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर लोग एक ऐसी चिड़िया का वीडियो शेयर कर रहे हैं जो पहली नजर में मुंह से आग उगलती हुई दिखती है. वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि इस्लाम में 1400 साल पहले ऐसी ही एक चिड़िया का जिक्र किया गया था और ये वही चिड़िया है. कुछ लोग इसी चिड़िया को अमेरिका के जंगलों में आग लगाने का दोषी ठहरा रहे हैं.

मिसाल के तौर पर, एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “अमरीका में हमेशा जंगलों में आग लगने की खबर सुनते थे? अब जाकर पता चला है कि यह वीडियो में देखा गया पक्षी आग लगा रहा है, अल्लाह के नबी सल्ललाहु अलयही वस्सलम ने 1400 साल पहले इस पक्षी का जिक्र किया था, तब सहाबा ए इक्राम भी ताज्जुब करते थे.” इसी वीडियो के साथ एक दूसरा वीडियो जोड़ा हुआ है जिसमें एक शख्स कोट-टाई लगाकर अरबी भाषा में कुछ बता रहा है.

वीडियो की जांच करके और विशेषज्ञों से बात करके हम इस नतीजे पर पहुंचे कि जंगलों में आग लगाने वाले पक्षी तो जरूर होते हैं, लेकिन इनमें से कोई मुंह से आग नहीं उगलता. वीडियो में जो पक्षी दिख रहा है, उसका नाम साउदर्न लैपविंग है जो दक्षिणी अमेरिका में बहुतायत में पाया जाता है. मजे की बात ये है कि ये पक्षी अकसर उन जगहों पर रहता है जहां आसपास पानी हो. पक्षी विशेषज्ञ किरण पुरंदरे ने भी ‘आज तक’ से बातचीत में इसी बात की पुष्टि की.

कैसे पता की सच्चाई

इस पक्षी की असलियत जानने से पहले आइए आपको बताते हैं ये वीडियो कहां से आया और इसमें जो शख्स अरबी भाषा में बोल रहा है, उसकी क्या कहानी है.

वायरल वीडियो को अगर आप ध्यान से देखें तो आपको उसमें एक टिकटॉक चैनल ‘armra21’ का वॉटरमार्क दिखेगा.

इस टिकटॉक चैनल के ‘बायो सेक्शन’ में दी गई जानकारी के मुताबिक, इसका मकसद मुस्लिम धर्म से जुड़ी रोचक जानकारियां पोस्ट करना है.  

आग उगलते पक्षी वाले वीडियो के साथ के दूसरे वीडियो में जो शख्स अरबी भाषा में बोल रहा है, जब हमने उसकी कही गई बातों को हिंदी में अनुवाद किया, तो उसकी बातों का सार हमने कुछ ऐसा पाया- ‘ऑस्ट्रेलिया के जंगलों की आग पक्षियों की वजह से भी फैलती है. वैज्ञानिकों ने इस बात का पता साल 2018 में लगाया जबकि पैगंबर ने 1400 साल पहले ही ऐसे एक पक्षी के बारे में बता दिया था. ये वीडियो किसी टॉक शो का लग रहा है.’

कौन से पक्षी लगाते हैं आग

ये बात सच है कि ऐसे पक्षी सचमुच हैं जो जंगल में लगी आग को और फैलाते हैं. ‘नेशनल ज्योग्राफिक’  के मुता​बिक, ब्लैक काइट, व्हिसलिंग काइट और ब्राउन फैल्कॉन ऐसे पक्षी हैं जो अपनी चोंच या पंजों में जलती टहनियां उठाकर उन्हें सूखी घास पर फेंक देते हैं जिससे आग और भड़क जाती है. इसके पीछे इन पक्षियों का अपना स्वार्थ होता है. उनका मकसद होता है कि जंगल की आग बढ़े और उनके शिकार आसानी से बाहर आ जाएं.

क्या ये वीडियो ऐसे ही किसी पक्षी का है?

जी नहीं. ये पक्षी साउदर्न लैपविंग है जिसका जंगलों की आग से कोई लेना-देना नहीं है. पक्षी विशेषज्ञ किरण पुरंदरे ने ‘आज तक’ से बातचीत में बताया, “साउदर्न लैपविंग पक्षी जंगल में नहीं, बल्कि पानी के पास नमी वाली जगहों पर पाया जाता है. मैंने ऐसे किसी भी पक्षी के बारे में नहीं सुना जो आग उगलता हो.”

‘साउदर्न लैपविंग’ की तस्वीर की तुलना वायरल वीडियो वाले पक्षी से करने पर दोनों के बीच की समानता को साफ देखा जा सकता है.

‘साउदर्न लैपविंग’ पक्षी के बहुत सारे वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर उपलब्ध हैं. इसके बारे में और जानकारी यहां और यहां देखी जा सकती हैं.

 

फिर वीडियो में दिख रही आग की असलियत क्या है?

वीडियो में आग और धमाके वाला​ हिस्सा अलग से जोड़ा गया है. अगर आप इस वीडियो को स्लो मोशन में देखें, तो असलियत साफ हो जाती है. आग पक्षी के मुंह से नहीं बल्कि उसके सिर के ठीक पीछे से जलनी शुरू हो रही है.

 

ये वीडियो भारत में नहीं नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी सोशल मीडिया पर घूम रहा है. वीडियो की असलियत पता लगाने के लिए इंटरनेट पर सर्च करने के दौरान हमने पाया कि ताईवान फैक्टचेक सेंटर’ वेबसाइट ने भी इस वीडियो की जांच की थी और इसी नतीजे पर पहुंचे थे.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

ये वीडियो आग उगलने वाले एक पक्षी का है. इसके बारे में वैज्ञानिकों ने हाल ही में पता लगाया है, पर इस्लाम धर्म में इसके बारे में 1400 साल पहले ही बता दिया गया था.

निष्कर्ष

पक्षी वाले वायरल वीडियो में एडिटिंग के जरिये अलग से आग जोड़ी गई है. हालांकि कुछ पक्षी ऐसे होते हैं जो जंगल में लगी आग को फैलाते हैं.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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