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फैक्ट चेक: अमरनाथ यात्रा के दौरान ये बस दुर्घटना है तीन साल पुरानी

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल हो रही यह पोस्ट भ्रामक है. यह दुर्घटना हुई तो थी, लेकिन तीन साल पहले. इस साल अमरनाथ यात्रा अभी तक शुरू नहीं हुई है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कश्मीर में एक बस के खाई में गिरने से 16 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
यह दुर्घटना तीन साल पुरानी है. इस साल अमरनाथ यात्रा अभी तक शुरू नहीं हुई है.

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके चलते 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई.

इस वायरल पोस्ट में एक तस्वीर इस्तेमाल की जा रही है, जिसमें दिख रहा है कि एक झरने के किनारे एक क्षतिग्रस्त बस पड़ी हुई है. वहां आसपास कुछ शव भी देखे जा सकते हैं. तस्वीर में कुछ सुरक्षाकर्मी भी दिख रहे हैं, जिससे लग रहा है कि राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है.

कई फेसबुक यूजर्स जैसे “Prince Online Sumbal ” ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा है, “बिग ब्रेकिंग. कम से कम 16 अमरनाथ यात्री मारे गए. कई घायल हुए क्योंकि जम्मू-कश्मीर परिवहन निगम की बस नाले में गिर गई”. इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने लिखा “यह अच्छी खबर है”.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल हो रही यह पोस्ट भ्रामक है. यह दुर्घटना हुई तो थी, लेकिन तीन साल पहले. इस साल अमरनाथ यात्रा अभी तक शुरू नहीं हुई है.

यह भ्रामक पोस्ट फेसबुक पर खूब शेयर की जा रही है. इसका आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

AFWA की पड़ताल

रिवर्स सर्च की मदद से हमने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर “द इंडियन एक्सप्रेस ” की फोटो गैलरी में मौजूद है. अखबार के मुताबिक, 16 जुलाई, 2017 को अमरनाथ यात्रियों को ले जा रही बस खाई में गिर गई थी. इस दुर्घटना में 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे.

यह बस दुर्घटना जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में हुई थी. यह तस्वीर इसी सूचना के साथ “द स्टेट्समैन ” के एक आर्टिकल में इस्तेमाल की गई है. इससे साबित होता है कि वायरल पोस्ट में जिस बस दुर्घटना का जिक्र किया जा रहा है, वह हाल की नहीं है, बल्कि तीन साल पुरानी है.

अमरनाथ यात्रा 2020

अमरनाथ यात्रा हर साल आयोजित होती है. आमतौर पर यह यात्रा 21 जुलाई से शुरू होती है. खबरों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 4 जुलाई को कहा कि कोरोना महामारी के ​चलते प्रतिदिन सिर्फ 500 श्रद्धालुओं को जम्मू से पवित्र गुफा जाने की अनुमति होगी.

हालांकि, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) से कहा है कि वे कोविड-19 के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा का निर्णय लें. इसके बाद से फिलहाल यात्रा की शुरुआत को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) पवित्र गुफा की देखरेख करता है.

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