कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच इंडिया टुडे ग्रुप ने ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम की अपनी तीसरी कड़ी पेश की है. इस मंच पर मोदी सरकार के 17 मंत्री कोरोना के हालात और उससे बाद की परिस्थितियों पर मंथन कर रहे हैं. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि लॉकडाउन में नदियां साफ हुई हैं तो इसमें सरकार का भी बड़ा रोल है.
आजतक की इस खास चर्चा में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पानी की समस्या पर कहा कि कोरोना आने के बाद व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर लोगों में चेतना बढ़ी है, इससे आगे लोगों को बहुत फायदा होगा. पीने की पानी की जहां तक बात है तो इस बारे में राज्यों से व्यक्तिगत स्तर पर बात हुई है. इस बारे में जो भी काम हो सकते थे, उसे हमने पूरा करने का काम किया. राज्यों के साथ बात हुई कि जल से जुड़ी जो भी गतिविधियां हैं, उसे पूरा किया जाए.
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शेखावत ने कहा, देश में जो भी बांध हैं, उनके इनफ्लो और आउटफ्लो पर ध्यान है. 132 बांधों की जहां तक बात है तो 56 फीसदी बांधों में औसत से ज्यादा पानी है. पहाड़ों पर बर्फबारी भी खूब है, इसका फायदा मिलेगा. इस बार हालात पिछली बार की तुलना में अच्छे रहेंगे.
नदियां बहुत स्वच्छता से बह रही हैं, इस पर जलशक्ति मंत्री ने कहा कि इसकी संभावना का हमें अंदाजा पहले ही हो गया था. वॉटर क्वालिटी मैनेजमेंट के लिए जो भी संस्थाएं काम करती हैं, उनसे पहले ही बात हुई थी कि गंगा-यमुना आदि नदियों पर हमें काम करना है. एक साथ इंडस्ट्री बंद हुई हैं, इसका नदियों पर क्या असर पड़ा है, इस पर हम अभी स्टडी करेंगे. अभी इस बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कहा जा सकता. गंगा में पिछले 5 साल में मिशन मोड पर काम हुआ है, इसका प्रभाव दिख रहा है. इसमें कई संगठनों ने मदद की. मैंने गंगा नदी का पानी पी कर देखा है, यह ऋषिकेश तक पीने लायक है. कह सकते हैं कि सिर्फ लॉकडाउन से गंगा साफ नहीं हुई बल्कि मोदी सरकार के काम का भी असर है.
गजेंद्र शेखावत ने कहा, लॉकडाउन के दौरान जो बरसात हुई, उससे भी नदियों में प्रवाह बढ़ा है. पानी का प्रवाह ज्यादा होने से क्वालिटी सुधरी है. नदी में अगर प्रवाह बढ़ाया जाए तो प्रदूषण कम किया जा सकता है. प्रवार निरंतर बना रहे, इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा. गंगा में सीवेज रोकने में हम कामयाब हुए हैं. कानपुर में जहां कोई एक्वेटिक लाइफ नहीं बची थी, उसमें सुधार हुआ है. दुनिया की नदियों की तुलना करें तो हमारी गंगा सबसे स्वच्छ है.
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इससे पहले केंद्रीय मानव संसाधान मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस खास कार्यक्रम में हिस्सा लिया. निशंक ने कहा कि दसवीं के दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले के बचे हुए पेपर हैं, वही होंगे. वहीं 12वीं के सिर्फ 29 मुख्य विषयों के पेपर होने हैं जो एक से 15 जुलाई के बीच होंगे. छात्रों के बीच जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वो अब खत्म हो चुकी है. अब बच्चों को तैयारी करके ये पेपर देने चाहिए.
इसी के साथ 'ई-एजेंडा जान भी, जहान भी' में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कर्जमाफी किसानों की समस्या का हल नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार कई सरकारों की ओर से किसानों की कर्जमाफी की गई, लेकिन मैं मानता हूं कि कर्जमाफी किसानों की समस्या का इलाज नहीं है.
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मोदी कैबिनेट से ई-एजेंडा कार्यक्रम में शामिल होने वाले केंद्रीय मंत्रियों में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जितेंद्र सिंह, हरदीप पुरी, मुख्तार अब्बास नकवी, वीके सिंह, प्रह्लाद पटेल, बाबुल सुप्रियो, हरसिमरत कौर बादल, महेंद्र नाथ पांडे, एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राम विलास पासवान, किरन रिजिजू, प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन शामिल हैं.