एक साथ अगर ढाई हजार से ज्यादा कलाकार स्वर लहरी छेड़ें तो सचमुच वो नजारा देखने लायक होगा. पुणे में मंगवार रात आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम अंतर्नाद में ऐसा ही मनमोहने वाला नजारा था.