केबीसी सीजन 11 में प्रोफेसर सुशील कुमार मखीजा शानदार खेल दिखाने के बाद भी केवल 3 लाख 20 हजार रुपयों के साथ घर लौटे हैं. वे 12 लाख 50 हजार के सवाल पर गच्चा खा गए और महज 3 लाख 20 हजार रूपए जीतने में कामयाब रहे. 12 लाख 50 हजार के लिए उनसे पूछा गया था कि इनमें से कौन सी राक्षसों की जोड़ी थी जो ब्राह्राणों को भोज पर बुलाकर उनकी हत्या कर देती थी? इस प्रश्न का सही उत्तर था इल्लव और वातापी.
सुशील कुमार मखीजा ने इसका गलत जवाब दिया और उन्होंने केवल 3 लाख 20 हजार रुपए जीतकर इस गेम को अलविदा कहा. सुशील के बाद हॉटसीट पर विराजमान होंगे डॉ बीएम भारद्वाज और उनकी पत्नी डॉ माधुरी भारद्वाज. ये इस गेम में कर्मवीर के तौर पर पहुंचे हैं. ये दंपति 'अपना घर' नाम का एक घर चलाते हैं जिसमें ऐसे लोगों को शरण दी जाती है जो लाचार और असहाय हैं. इसके अलावा वे ऐसे परिवारों को भी मिलाने की कोशिश करते हैं जो बिछड़ चुके हैं.
अमिताभ ने अपने करियर की यात्रा के बारे में की थी बात
गौरतलब है कि अमिताभ ने कुछ समय पहले इस शो के दौरान अपने करियर की यात्रा के बारे में बात की थी. उन्होंने एक कंटेस्टेंट को बताया था कि 'मैंने कभी ऐसे सोचा नहीं था कि मुझे एक्टर ही बनना है लेकिन चीज़ें होती चली गईं. जेफरी केंडल एक थियेटर ग्रुप चलाते थे. केंडल जेनिफर केंडल के पिता थे जिन्होंने शशि कपूर से शादी की थी. वे एक बार नैनीताल आए थे और उन्होंने केंडल कप फॉर ड्रैमेटिक्स शुरु किया था जो साल के बेस्ट एक्टर को मिलता था. शेरवुड कॉलेज में पढ़ते हुए सेकेंड इयर में मुझे ये अवॉर्ड मिला था.'
उन्होंने आगे कहा कि 'उसके बाद मैं कलकत्ता चला गया. कुछ समय बाद मेरे भाई ने कहा था कि मुझे एक्टिंग के लिए कोशिश करनी चाहिए. शशि कपूर ने भी हमारी काफी मदद की थी और मुझे गर्व है कि उनसे गाइडेन्स लेने के बाद मैं उनके समक्ष रोल्स कर पाया था. तो मैंने कुछ प्लान नहीं किया था और आज भी मुझे फिल्मों में रोल मिल जाते हैं तो मैं कर लेता हूं. ये मेरा सौभाग्य है कि लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया है.'