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21 दिन का लॉकडाउन: वायरल प्रसून जोशी की कविता, 'घर में रहेगा देश'

बॉलीवुड के कई सितारों ने भी लॉकडाउन के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं. मशहूर गीतकार प्रसून जोशी ने भी सोशल मीडिया पर देश के लोगों के नाम एक कविता डेडिकेट की है. ट्विटर पर एक मिनट से भी कम समय की इस कविता को लेकर फैंस ने कई रिएक्शन्स आ रहे हैं.

प्रसून जोशी प्रसून जोशी

कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लोगों के लिए कुछ मुसीबतें लेकर तो आया है लेकिन इस वायरस को देश में पनपने से रोकने के लिए ये बेहद जरुरी कदम माना जा रहा है. यही कारण है कि केंद्र सरकार के इस फैसले का हर कोई समर्थन कर रहा है और देश के करोड़ों नागरिकों को घर में ही रहने के लिए जागरुक कर रहा है.

बॉलीवुड के कई सितारों ने भी लॉकडाउन के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं. मशहूर गीतकार प्रसून जोशी ने भी सोशल मीडिया पर देश के लोगों के नाम एक कविता डेडिकेट की है. ट्विटर पर एक मिनट से भी कम समय की इस कविता को लेकर फैंस ने कई रिएक्शन्स आ रहे हैं. इस कविता के बोल इस प्रकार है- हां घर में रहेगा देश, हां घर में रहेगा देश, संकल्प नया एक करते हैं, चलो मिलकर पीड़ा हरते है, इस देश में रहने वाले तो हर दिन ही तपस्या करते हैं.

पहले भी लिख चुके हैं कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कविता

बता दें कि इससे पहले भी प्रसून जोशी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कविताएं लिख चुके हैं. उनकी कविता 'मैं देश नहीं मिटने दूंगा' को पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दो बार पढ़ा था. साल 2014 और पुलवामा में हुए आतंकी हमलों और पाकिस्तान के बालाकोट में कार्रवाई के बाद पीएम मोदी ने एक स्पीच में इस कविता को पढ़ा था.

प्रसून ने साहित्य आजतक के मंच से देशप्रेम को लेकर भी बात की थी. उन्होंने कहा था कि मुझसे जब राष्ट्रवाद या देशप्रेम की बात की जाती है तो आश्चर्य होता कि क्या ये एक बेहद नेचुरल सा स्टेट नहीं है. इस पर विवाद क्यों? चर्चा ही क्यों? मुझे ऐसा लगता है कि देशप्रेम को लेकर क्या लोग कन्फ्यूज हैं. मुझे मेरे गीतों के जरिए देशप्रेम दिखता है.

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