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पीएम मोदी बायोप‍िक: बहस में व‍िवेक ओबराय पर भारी पड़ गईं नगमा

विवेक ओबेरॉय तमाम मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे. इसी दौरान नगमा ने पलटकर तमाम मुद्दों पर मोदी की नाकामयाबी गिनाई. हालांकि इसे विवेक ने मुद्दे से भटकाने वाली बात करार दे दिया. 

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व‍िवके ओबेरॉय-नगमा
व‍िवके ओबेरॉय-नगमा

पीएम नरेंद्र मोदी बायोपिक इसी शुक्रवार 5 अप्रैल को र‍िलीज हो रही है. चुनाव से पहले र‍िलीज हो रही फिल्म को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने पार्टी ने कड़ा व‍िरोध जताया है. इस मुद्दे पर इंड‍िया टुडे से खास बातचीत में पीएम मोदी फिल्म में लीड रोल न‍िभा रहे व‍िवेक ओबेरॉय और कांगेस नेता नगमा ने अपना पक्ष रखा. फिल्म की रिलीज को लेकर दोनों के बीच जमकर बहस हुई, हालांकि बहस में कई मौके आए अजब व‍िवेक ओबेरॉय पर नगमा भारी पड़ती नजर आईं.

इंड‍िया टुडे के सीनियर जर्नलिस्ट राहुल कंवल ने सवाल पूछा, क्या आपको लगता है कि फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का हक देश में कम हुआ है? इस पर नगमा ने कहा, "मैं आपसे क्या कहूं. कई बड़े स्टार जैसे नसीरुद्दीन शाह, आमिर खान की पत्नी किरण राव, शाहरुख खान ने इस पर जब बोला तो उनके साथ क्या हुआ. सबने देखा है." इस सवाल पर व‍िवेक ओबेरॉय ने कहा, "जो लोग इस देश में रहने से डरते हैं तो उन्हें मुझसे बात कहने को कहें. उन्हें फिल्म को देखनी चाह‍िए, उन्हें देशभक्त‍ि महसूस होगी."

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बातचीत के दौरान विवेक ओबेरॉय तमाम मुद्दों पर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे. एक्टर ने देश में हिंसा और असहिष्णुता के प्रचार के बरअक्स कश्मीरी पंडितों का मुद्दा उठाया. इसी दौरान नगमा ने पलटकर पूछ लिया कि आप बताइए कि कश्मीरी पंडितों के सवाल पर आखिर मोदी सरकार ने क्या कर दिया.

नगमा ने बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठाया और कहा, "हमने फिल्म का व‍िरोध नहीं है. हमें च‍िंता देश के बेरोजगार युवाओं की है. फिल्म को द‍िखाकर आप चुनाव में उन्हें क्या बताना चाहते हैं. ज‍िस इंसान के पीएम रहने पर नीरव मोदी, मेहुल चौकरी व‍िदेश भाग गए. वो खुद लाखों को सूट पहनता है. फिर उसे आप हीरो क्यों बना रहे हैं." बातचीत के दौरान नगमा के सवालों पर विवेक ओबेरॉय बैकफुट पर नजर आए. उन्होंने इन सवालों को मुद्दे से भटकाने वाला करार दिया.    

बाद में व‍िवेक ओबेरॉय ने कहा, "देश में पहले भी कांग्रेस की सरकार में फिल्में बैन हुईं. उन लोगों ने इन फिल्मों के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी. इसके बाद जाकर र‍िलीज मिली. अब फिर फिल्म पर रोक लगाए जाने की मांग फिर हो रही है. ये पूरी तरह से बेकार बहस है." विवेक ओबेरॉय ने कहा, "जब ईद पर, क्र‍िसमस पर फिल्म र‍िलीज पर सवाल नहीं उठता है तो फिर हमारी फिल्म चुनाव में आ रही है इस पर सवाल क्यों." कल को कोई इंद‍िरा गांधी पर दुर्गा बताकर फिल्म बनाता है. तो मैं उस पर गर्व करूंगा. उसका व‍िरोध नहीं होगा. फिर मेरी फिल्म पर व‍िरोध क्यों है.

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