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अपनी कहानी की हिरोइन बनेगी ज्योति, पिता को बैठा चलाई थी 1200 किमी साइकिल

इस फिल्म की हिंदी, अंग्रेजी और मैथिली भाषाओं के साथ-साथ अन्य भाषाओं में डबिंग की जाएगी. कृष्णा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए, फिल्म का टाइटल ए जर्नी ऑफ ए माइग्रेंट होगा.

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पिता संग ज्योति कुमारी
पिता संग ज्योति कुमारी

15 साल की लड़की ज्योति कुमारी जिसकी हिम्मत को पूरा देश सलाम करता है. जिसने अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर 1200 किलोमीटर का सफर तय किया. अब उनके ऊपर फिल्म बनने जा रही है. ज्योति खुद ही इस फिल्म में लीड रोल प्ले करेंगी.

पीटीआई से बातचीत में ज्योति कुमारी ने कहा- फिल्म साइन करके बहुत अच्छा लग रहा है. इस फिल्म का टाइटल आत्मनिर्भर. फिल्म में ज्योति की कहानी के साथ-साथ सिस्टेमैटिक इश्यूज पर भी फोकस किया जाएगा. फिल्म अगस्त में फ्लोर पर आएगी.

इस फिल्म का डायरेक्शन शाइन कृष्णा करने जा रहे हैं. कृष्णा ने बताया- फिल्म को उन स्थानों पर शूट किया जाएगा जो गुरुग्राम से दरभंगा तक ज्योति की जर्नी का हिस्सा थे और ये एक डॉक्यूमेंट्री नहीं होंगी. ये कई अन्य घटनाओं को मिलाकर फिक्शनल होगी.

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इस फिल्म की हिंदी, अंग्रेजी और मैथिली भाषाओं के साथ-साथ अन्य भाषाओं में डबिंग की जाएगी. कृष्णा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए, फिल्म का टाइटल 'ए जर्नी ऑफ ए माइग्रेंट' होगा और फिल्म को 20 भाषाओं में टाइटल दिया जाएगा.

रिक्शा चलाते थे ज्योति के पिता

मालूम हो कि ज्योति बिहार के दरभंगा की रहने वाली हैं. वो अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर दिल्ली से अपने घर बिहार के दरभंगा ले जाती हैं. उनका वीडियो और फोटोज भी काफी वायरल हुई थी. ज्योति कुमारी के जज्बे को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने भी सराहा था. ज्योति के पिता मोहन पासवान दिल्ली में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे.

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