कभी अपनी कॉमेडी फिल्मों से दर्शकों के दिल पर राज करने वाले गोविंदा अब वापस परदे पर लौट रहे हैं. हाल ही में वे फिल्म फ्रायडे में नजर आए. अब गोविदा रंगीला राजा नाम की फिल्म करने जा रहे हैं, जिसमें वे एक घोटालेबाज की भूमिका निभाएंगे. गोविंदा अपने डांस और कॉमेडी फिल्मों में परफेक्ट टाइमिंग के लिए मशहूर हैं. गोविंदा ने आज तक को दिए इंटरव्यू में तमाम विषयों पर बात की. उन्होंने बताया कि वे कादर खान को किस तरह मिस करते हैं, साथ ही जल्द शादी के बंधन में बंध रहे रणवीर और दीपिका की जोड़ी को कैसे देखते हैं.
परिवार के बारे में: मैं बच्चों से पूछकर अपने काम करता हूं. मेरे दोनों
बच्चे टीना-यश और पत्नी मेरा साथ देते हैं. मैं योग और प्राणायाम करता हूं.
खुद की फिटनेस का ख्याल रखता हूं. लेकिन बहुत ज्यादा पतला नहीं होना
चाहता, नहीं तो मैं अपने डांस मूव्स को एन्जॉय नहीं कर पाऊंगा.
मेरे गुरुजी ने 86 की उम्र में सब कुछ सिखाया था. यश ने विदेश में पढ़ाई की है, उनके भीतर ऐसी कोई भी कमी नहीं है, जो मुझमें हुआ करती थी. मैं लोगों के साथ घुल-मिल नहीं पाता था. सामाजिक नहीं हो पाता था. यश को हार्ड वर्क करना होगा. जब मैं फिल्म लाइन में आया था, तो मुझे 3-4 लोगों के साथ काम करने के लिए कहा गया था, लेकिन कभी काम नहीं कर पाया. यश चोपड़ा, मनमोहन देसाई, राज कपूर साहब के साथ काम नहीं कर पाया. मैं अपने विचार मेरे बेटे यश पर नहीं थोपता हूं. जो उनके मुकद्दर में है उसकी तरफ खुद आगे बढ़ेंगे.
रणवीर-दीपिका की जोड़ी के बारे में: रणवीर सिंह अगले सुपरस्टार हैं. उनकी बुनियाद हार्डवर्क और ईमानदारी हैं. मैं तो 'राम लीला' फिल्म देखते-देखते छोड़ दी थी, क्योंकि मुझे बताया गया था कि दोनों की मौत हो जाएगी. मैंने फिल्म देखना छोड़ दिया, क्योंकि बहुत लम्बे समय के बाद मुझे रणवीर और दीपिका ने धर्मेन्द्रजी और हेमा जी की जोड़ी की याद दिलाई! मैंने दीपिका और रणवीर के लिए थिएटर में सीटियां भी बजाई. फिल्म देखते हुए मुझे इन दोनों से प्रेम हो गया.
अपने स्टारडम पर: मैंने कभी स्टारडम एन्जॉय नहीं किया, क्योंकि मेरी मम्मी साधू हो गई थी. अब मैं क्या एन्जॉय करता. मुझ पर अहम जिम्मेदारियां भी थी. मैं कभी ड्रिंक नहीं करता था. जब पहली बार मुझे पैसे मिले तो मैंने मम्मी के लिए साड़ी खरीदी और चार दिन तक नींद नहीं आई थी. मेरी मां का आशीर्वाद था. मेरी जिंदगी में मां, मेरी वाइफ और मेरी पत्नी का अहम योगदान है. मैं जो प्रोफेशनली चाहता था वो अभी तक नहीं मिला है. मेरा वो सपना अभी पूरा नहीं हुआ है.मुझे उस जमाने में कई ऑफिस से निकाला गया. उन्हें मैं स्ट्रगलर लगता था, मेरी लड़ाइयां भी हो जाती थीं. मुझसे खाना वाला, डांस मास्टर, फाइट मास्टर, जूते वाले ने कभी पैसा नहीं लिया. मैंने आज तक किसी भी स्पॉटबॉय तक को भी नहीं डांटा.
भांजे कृष्णा से विवाद और मां के बारे में: कृष्णा अभिषेक तो परिवार है और परिवार में आपस में झगड़ा तो होता रहता है. लेकिन उन बातों को अखबार के माध्यम से बताना सही नहीं था.
एक बार मेरी मम्मी के बारे में कुछ किसी ने कह दिया. मेरी 22 -23 लोगों से विरार रेलवे स्टेशन पर लड़ाई हुई. मेरी उन लोगों ने बहुत धुलाई की. लेकिन मुझे चोट नहीं लगती थी. 50-60 रोटियां तो मैं यूं ही खा लिया करता था. जब भी मैं अपनी आत्मकथा लिखूंगा तो उसमें मेरी मां से शुरुआत होगी और जो भी उसे पढ़ लेगा वो अपनी माँ के साथ गलत व्यवहार नहीं करेगा.
सलमान से दोस्ती पर: एक बार सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लग गई थी और मैं उसे हॉस्पिटल ले जा रहा था. उसी वक्त एक इंसान पीछे से आता है और कहता है, 'चीची भैया आप निकलिए. मैं इसे संभालता हूं और हॉस्पिटल लेकर जाता हूं. मैंने कहा कि 'आप कौन हैं' उन्होंने कहा- मेरा नाम सलमान खान है और मैंने अभी राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म साइन की है'. सलमान ने मुझे शूटिंग पर जाने को कहा और खुद उस इंसान को हॉस्पिटल ले गया. उसके बाद जब सलमान ने एंट्री मारी तो लगभग 1 दर्जन हिट तो मार ही दी. बहुत ही अच्छा इंसान है. पार्टनर में जब हम लोग फिल्म कर रहे थे, उस वक्त सलमान को तो पता भी नहीं था, मैं पॉलिटिक्स से निकल कर आया था. उस समय मैंने, सोहेल खान और डेविड धवन ने तय किया कि फिल्म करनी है और मैं सिर्फ सलमान खान के साथ कर सकता था, जहां सलमान अहम रोल में हो और मैं कॉमेडी करता रहू़ं, क्योंकि मेरी कद काठी की वजह से मैं सोलो फिल्म नहीं कर सकता था .
कादर खान पर: कादर खान साहब के जैसा तो इंडस्ट्री में कोई है ही नहीं. कादर साहब से बात नहीं हो पाती, क्योंकि उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ अलग है. पैक अप के बाद अलग ही इंसान हो जाते हैं.
अपनी बायोपिक पर: अगर बायोपिक बनी तो रणवीर सिंह कर सकते हैं. कुछ समय पहले मैं वरुण धवन से कह रहा था कि अगर वो अच्छी बॉडी बना ले तो 2019 में बहुत ही उम्दा काम कर सकते हैं. वरुण बहुत अच्छा इंसान है. मुझे अभी के स्टार्स में विजेंद्र काला बढ़िया एक्टर लगते हैं. अनुपम खेर बहुत बढ़िया अभनेता हैं.
दिलीप कुमार पर: दिलीप कुमार साहब मेरे काफी अजीज हैं. मैं हमेशा प्रार्थना करता हूं कि उन्हें दीर्घायु मिले. मुझ पर उनकी बहुत कृपा रही है. मुझे याद है दिलीप कुमार साहब ने मुझे कहा था कि 25 फिल्में मैं छोड़ दूं. मैंने एक समय पर 75 फिल्में साइन की थी, लेकिन उनके कहने पर 25 फिल्में छोड़ दीं. उनकी सलाह बहुत महत्वपूर्ण थी और जो उन्होंने कह दिया तो कह दिया. वो मुझे मानना ही था. दिलीप साहब ने ही मुझसे कहा था कि सीरियस फिल्में मुझे नहीं करनी चाहिए, क्योंकि शारीरिक तनाव भी आता है और मैं 14 -15 साल तक कॉमेडी फिल्में किया और स्टार रहा. सब दिलीप कुमार साहब का प्यार है और उनसे मेरा नेचर भी बदला. मैं काफी हार्ड नेचर का होता था, दिलीप कुमार से सॉफ्टनेस सीखी.