आशिकी से फेमस हुईं अनु अग्रवाल का चेहरा अब काफी बदल गया है. एक जमाने में ग्लैमरस लगने वाली अनु का चेहरा अब काफी बदल गया है.
अनु का जन्म 11 जनवरी 1969 में हुआ था. अनु जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में
समाजशास्त्र की पढ़ाई कर रही थीं, उस समय महेश भट्ट ने अनु को 'आशिकी' में
ब्रेक दिया.
उसके बाद अनु ने 'गजब तमाशा', 'खलनायिका', 'किंग अंकल', 'कन्यादान' और
'रिटर्न टू ज्वेल थीफ' में काम किया. लेकिन ये फिल्में फ्लॉप रहीं.
अनु ने अपनी सारी संपत्ति दान में देकर संन्यास का मार्ग अपना लिया है. विशेष फिल्म्स के तीस साल पूरे होने के मौके पर मुंबई में रविवार शाम एक
कार्यक्रम का रखा गया. इस मौके पर इसी बैनर के तहत बनीं फिल्म 'बेगम
जान' की स्पेशल स्क्रीनिंग भी रखी गई थी. इस मौके पर कई अहम मेहमान मौजूद
थे. लेकिन, सबसे सबका ध्यान खींचा अनु अग्रवाल ने.
रातोंरात स्टार बनी एक्ट्रेस अनु अग्रवाल काफी समय से फिल्मी दुनिया से दूर
थी. फिल्में छोड़ने के बाद अनु अग्रवाल बहुत सिंपल जीवन बीता रही हैं.
उनका लुक, स्टाइल सब इतना बदल चुका है कि वो पहचान में ही नहीं आईं. लेकिन
एक हादसे उनकी जिंदगी को ऐसा बदला कि वो फिल्म
इंडस्ट्री से गुमनाम हो गईं और लोगों ने भी उनकी खोज-खबर लेना बंद कर दिया.
बता दें कि 1999 में अनु अग्रवाल का बहुत बुरा एक्सीडेंट हुआ. एक्सीडेंट में अनु
अग्रवाल की ना सिर्फ याददाश्त चली गई बल्कि 29 दिनों तक कोमा में रहीं.
अनु अग्रवाल ने अपनी आत्मकथा An 'Anusual' Memoir of a girl, who came back
from the death
में अपने अनुभव को बाखूबी शेयर किया है.
ये उनकी जिंदगी का सबसे बुरा पड़ाव था क्योंकि इस
सालों तक किसी को कुछ पता नहीं चला कि वो कहां रह रही हैं. लेकिन एक दिन
पता चला कि अनु अग्रवाल स्टारडम और फिल्मी दुनिया से काफी दूर बिहार के
मुंगेर इलाके में अपनी जिंदगी बिता रही हैं.