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वो पॉपुलर सिंगर्स जो अचानक इंडस्ट्री से गायब हो गए, एक ने तो गाए 27 भाषाओं में गाने

आज हम उन्हीं सिंगर्स के बारे में बात करने वाले हैं, जिनके गाने 90s की जेनरेशन के मुंह पर आज भी रहते हैं. पार्टी के लिए हिट नजर आते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गर्लफ्रेंड- बॉयफ्रेंड के आपस में लड़ाई-झगड़ों को भी ये गाने सुलटा देते हैं. पर अगर गौर किया जाए तो यही सिंगर्स अब इंडस्ट्री से गायब हो चुके हैं. इनका कुछ आता- पता नहीं है. 

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कुणाल गांजावाला, साधना सरगम, विनोद राठौड़
कुणाल गांजावाला, साधना सरगम, विनोद राठौड़

बॉलीवुड फिल्मों में सॉन्ग्स, मूवी की जान होते हैं. देखा जाए तो गानों से ही तो फिल्मों का समा बंध पाता है. बहुत ही कम ऐसी फिल्में होंगी, जिनमें सॉन्ग्स नहीं होंगे. वरना आजकल का तो ट्रेंड ऐसा बन गया है कि अगर फिल्म में गाना न भी हो तो टाइटल ट्रैक डाल दिया जाता है. फिल्मों में गानों का ही तो कमाल दिखता है. कोई पिक्चर हिट नहीं भी हुई तो इसके गाने जरूर हिट हो जाते हैं, ऐसा चलन देखने को मिलता रहा है. फिल्म हिट हो या फ्लॉप, इसमें मौजूद स्टार कास्ट, डायरेक्टर और निर्माता, हर किसी को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा होती है. पर सिंगर्स पर कभी नहीं होती. फिल्म के गाने हिट हो जाते हैं, पर इसे गाया किसने है, ये बहुत कम लोगों को पता होता है.

आज हम उन्हीं सिंगर्स के बारे में बात करने वाले हैं, जिनके गाने 90s की जेनरेशन के मुंह पर आज भी रहते हैं. पार्टी के लिए हिट नजर आते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गर्लफ्रेंड- बॉयफ्रेंड के आपस में लड़ाई-झगड़ों को भी ये गाने सुलटा देते हैं. पर अगर गौर किया जाए तो यही सिंगर्स अब इंडस्ट्री से गायब हो चुके हैं. इनका कुछ आता- पता नहीं है. 

कुणाल गांजावाला- इमरान हाशमी की फिल्म आई थी 'मर्डर'. इसका सॉन्ग 'भीगे होंठ तेरे' ऑडियन्स और यंग जेनरेशन के बीच काफी पॉपुलर हुआ था. इसे सिंगर कुणाल गांजावाला ने गाया था. सिर्फ यही नहीं, 'दिल ना दिया', 'दुपट्टा तेरा नौ रंग दा', 'कोई मिल गया' जैसे गानों को भी कुणाल ने अपनी आवाज दी थी, पर साल 2012 में इस सिंगर की रफ्तार थमनी शुरू हो गई. साल 2005 से 2010 का समय कुणाल के लिए शानदार रहा. इनके करियर में एक समय ऐसा भी आया, जब एक साल में यह 18-20 गाने गाते थे. पर साल 2018 तक आते-आते कुणाल केवल साल का एक गाना गाने लगे. कुणाल ने अपना आखिरी गाना फिल्म 'कहानी रबरबैंड की' में गाया था. 

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विनोद राठौड़- विनोद ने अपने करियर में 3500 गाने गाए, जिनमें से 'कोई ना कोई चाहिए...' और ‘छुपाना भी नहीं आता' सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ. सिर्फ इतना ही नहीं विनोद ने हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, बांग्ला, फारसी समेत कई भाषाओं में गाने गाए. शाहरुख खान के यह फेवरेट सिंगर्स में से एक भी रहे. पर पिछले कुछ सालों से विनोद फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह गायब हैं. हालांकि, लाइव शोज और रियलिटी शोज में यह नजर आते रहते हैं, पर सिंगिंग के मामले में इनका कुछ आता-पता नहीं है. 

साधना सरगम- हम सभी 90s किड्स का फेवरेट रोमांटिक सॉन्ग 'पहला नशा' है. आज भी अगर कहीं इस गाने को बजते हुए सुन लें तो यादें ताजा हो जाती हैं. स्कूल- कॉलेज के समय में अगर लव बर्ड्स के बीच लड़ाई हो जाती थी तो मनाने के लिए यही गाना तो यंगस्टर्स गुनगुनाते थे. इस गाने को साधना सरगम ने अपनी आवाज दी थी. नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली साधना भारत की इकलौती सिंगर रहीं, जिन्होंने करीब 27 भाषाओं में गाना गाया है. साधना का करियर इस मुकाम पर पहुंचा था कि एक साल में यह 50 गाने गाया करती थीं. पर वक्त बदला और आज साधना के पास काम नहीं. साल 2021 में आई फिल्म 'मीनाक्षी सुंदरेश्वर' में उन्होंने एक गाना गाया था. यह आखिरी गाना था. 

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शिबानी कश्यप- 'सजना आ भी जा' गाना खूब पॉपुलर हुआ था. हर कोई इसपर थिरकने को मजबूर रहता था. शिबानी ने इस गाने को केवल गाया ही नहीं था. उन्होंने इसे लिखा भी था और कंपोज भी किया था. शिबानी की किस्मत इतनी अच्छी थी कि कई सालों तक इन्होंने दर्शकों के दिलों पर अपनी आवाज का जादू बिखेरा. 'क्या नज़ाकत है' का तो वीडियो दर्शकों के बीच बहुत पॉपुलर रहा. शिबानी का आखिरी सॉन्ग फिल्म 'आइडेंटीटी कार्ड' में उन्होंने गाया था. गाने का नाम था 'सन्नाटा'.

जुबीन गर्ग- हैंडसम- डैशिंग से दिखने वाले इस सिंगर्स की सबसे ज्यादा फीमेल फैन फॉलोइंग थी. लाइव कॉन्सर्ट जब यह करते थे तो महिलाएं इनकी आवाज की दीवानी हो जाती थीं. 'गैंगस्टर' का सॉन्ग 'या अली' इन्होंने ही तो गाया था. जुबीन ऑलराउंडर थे. जुबीन ने हिंदी के अलावा बंगाली, असमी, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों के गाने भी गाए हैं. कई सालों से जुबीन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से दूर हैं. पिछले कई सालों से इन्होंने किसी बड़ी हिंदी फिल्म में गाना नहीं गाया है. 

जॉली मुखर्जी- 'चांदनी ओ मेरी चांदनी' सॉवन्ग से तहलका मचा देने वाले सिंगर जॉली मुखर्जी अपने आप में तीसमारखां थे. फिल्म इंडस्ट्री में कई ए- लिस्ट बॉलीवुड एक्टर्स के लिए इन्होंने गाने गाए. पर साल 2013 में इन्होंने अपने करियर का आखिरी सॉन्ग गाया था. फिल्म थी 'सत्या 2' और गाना था 'ताकत'. इसके बाद से जॉली इंडस्ट्री से नदारद हैं. आज इनका कुछ अता-पता नहीं है. 

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