चुनाव की राजनीति ना भाई देखती है, ना भाईचारा. वो सिर्फ अपना मकसद देखती है. बीजेपी नेता वरुण गांधी ने राहुल गांधी की थोड़ी सी तारीफ कर दी तो बीजेपी में भूचाल आ गया. मां मेनका को भी मोर्चा संभालना पड़ा और अब उन्होंने बेटे को नादान बता दिया और तारीफ को एक गलतबयान.