प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के 18वें संस्करण में अपनी सरकार की उपलब्धियों का रखा. साथ ही बताया कि आने वाले समय में भारत कैसे प्रगति करने वाला है, इसका एक खाका उन्होंने पेश किया. पीएम ने कहा कि हमने 5 साल देश की आवश्यकताओं पर काम किया. अगले पांच साल तेज उड़ान का समय है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम सबसे तेज गति से भारत में गरीबी हटा रहे हैं. आज हम सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. 1991 से देखें तो पिछले 5 साल की अवधि में हमने जीडीपी ग्रोथ सबसे तेज़ गति से बढ़ाई है. 1991 से देखें तो पिछले 5 साल की अवधि में हमने सबसे तेज महंगाई दर को घटाया है. आज देश में सबसे तेज गति से सड़कों का निर्माण हो रहा है.
2014 से 2019 आवश्यकताओं को पूरा करने का समय था, जबकि 2019 से आगे आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर है।
2014 से 2019 बुनियादी जरूरतों को हर घर तक पहुँचाने का समय था, जबकि 2019 से आगे तेज उन्नति के लिए उड़ान भरने का अवसर है: PM
— PMO India (@PMOIndia) March 2, 2019
पीएम मोदी ने बताया कि देश में आज सबसे तेज गति से रेलवे का विकास कार्य हो रहा है. आज हम सबसे तेज गति से गरीबों के लिए मकान बना रहे हैं. आज देश में सबसे तेज गति से मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने का कार्य हुआ है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में आपने फूड सिक्योरिटी एक्ट का हाल देखा होगा. खूब हो-हल्ला मचाकर इसे लाया गया. जब मेरी सरकार आई तो मैं ये देखकर दंग रह गया कि ये एक्ट सिर्फ 11 राज्यों में लागू किया गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फूड सिक्योरिटी कानून को लागू किया है. उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 आवश्यकताओं को पूरा करने का समय था, जबकि 2019 से आगे आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर है.
2014 से 2019 और 2019 से शुरू होने वाली आगे की ये यात्रा बदलते हुए सपनों की कहानी है।
निराशा की स्थिति से आशा के शिखर तक पहुंचने की कहानी है।
संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाली कहानी है: PM
— PMO India (@PMOIndia) March 2, 2019
उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 बुनियादी जरूरतों को हर घर तक पहुंचाने का समय था, जबकि 2019 से आगे तेज उन्नति के लिए उड़ान भरने का अवसर है. 2014 से 2019 और 2019 से शुरू होने वाली आगे की ये यात्रा बदलते हुए सपनों की कहानी है. निराशा की स्थिति से आशा के शिखर तक पहुंचने की कहानी है. संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाली कहानी है.