भावनगर जिले की पालीताणा विधानसभा क्षेत्र जैनियों का शाश्वत तीर्थ स्थल है. यहां भगवान आदिनाथ निवास करते हैं. पालीताणा भावनगर जिले से गुजरने वाली शेत्रुंजी नदी के तट पर स्थित है. इसलिए इसे शत्रुंजय तीर्थ भी कहा जाता है. राजनीतिक महत्व के साथ-साथ पलिताणा का धार्मिक महत्व भी है.
इस विधानसभा सीट का गठन 1962 में हुआ था. यहां अब तक 13 चुनाव हुए हैं. इनमें यह सीट 5 बार बीजेपी की झोली में और 5 बार कांग्रेस की झोली में गई है. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस के पास थी. इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी.
मतदाताओं के आंकड़े
पलिताणा विधानसभा सीट पर कुल वोटर की संख्या दो लाख 80 हजार 658 है. इनमें एक लाख 44 हजार 950 पुरुष और एक लाख 35 हजार 706 महिला वोटर हैं. इनके साथ ही दो अन्य वोटर हैं.
जातिगत आंकड़ों पर नजर डालें, तो यहां कोली समुदाय के 60 हजार, लेउवा पटेल समुदाय के 41 हजार, क्षत्रिय समुदाय के 19 हजार, अनुसूचित जाति के 17 हजार वोटर हैं. इस सीट पर कोली समुदाय और पाटीदार समुदाय का दबदबा है.