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NDA में सीट शेयरिंग पर तकरार, चिराग नहीं करेंगे धर्मेंद्र प्रधान से बात, बहनोई को सौंप दी जिम्मेदारी

बिहार एनडीए में सीट बंटवारे की जंग अभी थमी नहीं है. चिराग पासवान बीजेपी केी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से सीधे बातचीत नहीं करना चाहते हैं, जबकि जीतन राम मांझी ने 15 सीटों की मांग रख दी है. आज पटना में बीजेपी की अहम बैठक में इन मुद्दों पर मंथन होगा.

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बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग पर घमासान मचा है.
बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग पर घमासान मचा है.

बिहार में एनडीए के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर सियासी दांव-पेंच तेज हो गए हैं. बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (राम विलास), हम और आरएलएम के बीच मंथन का दौर थमा नहीं है और सभी पार्टियों के अंदर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है. सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से सीधे बातचीत नहीं करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने बहनोई और सांसद अरुण भारती को एलजेपी (राम विलास) का चुनाव प्रभारी बनाया है. अब बीजेपी के चुनाव प्रभारी से LJP-R के चुनाव प्रभारी सीधे बातचीत करेंगे और फॉर्मूले पर सहमति बनाएंगे.

बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान मंगलवार को पटना पहुंच रहे हैं. वे पहले बीजेपी के प्रमुख नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे. दोपहर 1 बजे से इंटरनल बैठक हो सकती है, जिसमें पार्टी की सिटिंग सीटों पर सहयोगियों के दावे पर चर्चा होगी.

चिराग पासवान ने बीजेपी की कुछ सिटिंग सीटों पर भी दावा किया है. खगड़िया से लौटने के बाद आज शाम उनकी बीजेपी नेताओं से मुलाकात होने की संभावना है. 

इधर, एनडीए के दूसरे सहयोगी जीतन राम मांझी असम के दौरे पर हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में हम पार्टी के अध्यक्ष संतोष सुमन से बीजेपी नेताओं की बातचीत होगी. सूत्रों के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा के साथ बीजेपी की लगभग सहमति बन चुकी है.

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बिहार चुनाव के सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य ने आजतक से कहा, सीट शेयरिंग को लेकर सब कुछ बढ़िया चल रहा है. अच्छा रिजल्ट आएगा. घोषणा जल्दी होगी. चिराग को लेकर कोई पशोपेश नहीं है.

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मांझी की मांग- 15 सीटें दी जाएं

हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने चुनाव के लिए 15 सीटों की मांग रखी है. उनका कहना है कि उनकी पार्टी को इतनी सीटें मिलनी चाहिए कि वे विधानसभा में मान्यता प्राप्त पार्टी बन सकें. उन्होंने कहा, हमने बीजेपी को अपनी मंशा बता दी है. हमारी पार्टी को बने 10 साल हो गए, लेकिन अब तक मान्यता नहीं मिली. मतदाता सूची में भी जगह नहीं मिली, क्योंकि हम रिकॉग्नाइज्ड पार्टी नहीं हैं. हमें इतनी सीटें चाहिए कि हम विधानसभा में अपनी पार्टी को मान्यता प्राप्त दर्जा दिला सकें. मांझी ने बताया कि 10 अक्टूबर को पटना में पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक बुलाई गई है, जिसमें रणनीति और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय

एनडीए में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा अब निर्णायक दौर में है. पटना में आज बीजेपी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा होगी. इसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक भी होनी है, जिसमें सभी सहयोगी दलों के साथ सीटों पर औपचारिक समझौते की कोशिश की जाएगी.
 

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