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जानें- सीमा नंदा के बारे में, जो बनीं डेमोक्रेटिक पार्टी की CEO

भारतीय मूल की सीमा नंदा अमेरिका में किसी प्रमुख राजनीतिक दल की सीईओ बनने वाली पहली महिला हैं.

सीमा नंदा (फोटो साभार- ट्विटर) सीमा नंदा (फोटो साभार- ट्विटर)

भारतीय मूल की सीमा नंदा ने अमेरिका में मुख्य विपक्षी दल डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के सीईओ पद का कार्यभार संभाल लिया है और वो पार्टी की उपाध्यक्ष भी हैं. नंदा अब अमेरिका के मुख्य विपक्षी दल की प्रभावशाली डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) के रोजमर्रा के कामकाज का संचालन करेंगी. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कई अहम बातें...

उनके पैरेंट्स डेंटिस्ट (दंत चिकित्सक) हैं और उनकी  पढ़ाई बोस्टन कॉलेज लॉ स्कूल और ब्राउन यूनिवर्सिटी से पूरी हुई है. वो Massachusetts बार एसोसिएशन की सदस्य भी हैं. इससे पहले उन्होंने लीडरशिप कॉन्फ्रेंस ऑन सिविल एंड हुमैन राइट्स के सीओओ और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के रुप में कार्य किया था. साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के साथ डीओएल और सीनियर काउंसलर के रूप में काम किया है.

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सीमा इससे पहले न्याय विभाग में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. वो पूर्व श्रम मंत्री टॉम पेरेज के चीफ ऑफ स्टॉफ के रूप में भी काम कर चुकी हैं. अपनी जिम्मेदारी को लेकर गौरवान्वित सीमा ने कहा, 'इस पार्टी का सहयोग करने का मतलब बच्चों का भविष्य बनाना है. मैं नौजवानों के लिए निष्पक्ष और उज्जवल भविष्य वाला अमेरिका बनाने का वादा करती हूं.'

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साथ ही उन्होंने कहा, 'हमें देश की आत्मा यानी लोकतंत्र और अवसरों के लिए लड़ना है. देश के हर कोने में डेमोक्रेटिक पार्टी को जिताने में मदद करना मेरी जिम्मेदारी है. डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह तो स्पष्ट हो गया है कि देश की गाड़ी को फिर से पटरी पर लाने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का सत्ता में लौटना जरूरी है.'

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