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गणतंत्र दिवसः स्कूल-कॉलेज में तिरंगा फहराने के क्या हैं नियम?

Republic Day गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर स्कूल में झंडारोहण का कार्यक्रम किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर स्कूल में झंडारोहण करने के क्या नियम हैं...

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

भारत इस साल 68वां मनाने जा रहा है, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी है. 15 अगस्त हो या 26 जनवरी, इस दिन सबसे अहम कार्य होता है झंडारोहण. सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में इस दिन झंडा फहराया जाता है. झंडारोहण का कार्यक्रम हर स्कूल में अलग-अलग तरीके से होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं स्कूलों में झंडा फहराने के भी नियम होते हैं, जिसके अनुसार ही झंडारोहण का कार्यक्रम आयोजित करना होता है. आइए जानते हैं वो कौन-कौन से नियम हैं...

भारतीय झंडा संहिता 2002 के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों में झंडा फहराने के नियम हैं. झंडारोहण के वक्त इसका पालन करना आवश्यक होता है. नियमों के अनुसार, शैक्षिक संस्थाओं (स्कूल, कॉलेज, खेल शिविर, स्काउट शिविर आदि) में राष्ट्रीय झंडा फहराया जाना चाहिए, ताकि मन से झंडे का सम्मान करने कि लए प्रेरणा दी जा सके. जिसके लिए ये हिदायतें हैं...

- सबसे पहले स्कूल के विद्यार्थी एक स्थान पर खड़े होकर एक खुला वर्गाकार (चोकोर शेप) बनाएंगे. इस वर्ग में 3 तरफ विद्यार्थी खड़े होंगे और चौथी तरफ बीच में झंडा होगा.

- वहीं प्रिंसिपल या हेडमास्टर या झंडे को फहराने वाला गणमान्य व्यक्ति झंडे से तीन कदम पीछे खड़े होंगे.

- वहीं अन्य छात्र का कक्षा के आधार पर ग्रुप के आधार पर खड़े होंगे और वो एक के पीछे एक खड़े होंगे. इसमें क्लास का एक स्टूडेंट अपनी क्लास की पहली लाइन के दाईं साइड में खड़ो होगा और क्लास टीचर अपनी क्लास की आखिरी लाइन में तीन कदम पीछे खड़ा होगा.

- हर लाइन के बीच कम से कम एक कदम यानी 30 इंच का फासला होना चाहिए और हर क्लास के बीच समान गैप होना चाहिए.

- हर कक्षा का मॉनिटर आगे बढ़कर स्कूल के चुने हुए छात्र नेता का अभिवादन करेगा. जब सभी कक्षाएं तैयार हो जायें तो स्कूल का छात्र नेता प्रधानाध्यापक की ओर बढ़कर उनका अभिवादन करेगा और प्रधानाध्यापक, अभिवादन का उत्तर देगा. इसके बाद मुख्य अतिथि (यदि प्रधानाध्यापक के अलावा कोई और है) द्वारा झंडा फहराया जायेगा. इसमें स्कूल का छात्र-नेता सहायता कर सकता है.

- स्कूल का छात्र नेता, जिसे परेड की जिम्मेदारी दी गई है, वो झंडा फहराने के ठीक पहले, परेड को सावधान या अटेंशन में आने की आज्ञा देगा और झंडे को लहराने पर परेड को झंडे को सलामी देने की आज्ञा देगा. परेड कुछ देर तक सलामी की अवस्था में रहेगी और फिर 'कमान' आने पर सावधान की अवस्था में आ जाएगी.

- झंडे को सलामी देने के बाद राष्ट्रगान होगा और इस दौरान परेड सावधान की अवस्था में रहेगी. शपथ लेने के सभी अवसरों पर शपथ राष्ट्रगान के बाद ली जाएगी. शपथ लेने के वक्त सभा सावधान की अवस्था में खड़ी रहेगी.

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