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IIT-गुवाहाटी के छात्रों ने प्रोफेसर के निलंबन के खिलाफ किया प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संस्थान के उच्च अधिकारियों ने उस प्रोफेसर को निशाना बनाया जिसने भ्रष्टाचार, अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी. छात्रों ने निलंबन वापस लेने की मांग की है.

प्रदर्शन की तस्वीर प्रदर्शन की तस्वीर

  • छात्रों ने निलंबन वापस लेने की मांग की
  • कैंडल मार्च निकालकर किया प्रदर्शन

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रदर्शन की चर्चाओं के बीच आईआईटी गुवाहाटी के छात्रों ने भी प्रदर्शन किया. संस्थान के एक प्रोफेसर के निलंबन के खिलाफ छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला.

इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक सहायक प्रोफेसर डॉ. बृजेश राय के निलंबन के खिलाफ आईआईटी गुवाहाटी के छात्रों ने संस्थान के परिसर में कैंडल लाइट मार्च निकाला. मंगलवार की रात निकाले गए इस मार्च में सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया. प्रोफेसर के निलंबन की वजह संस्थान में चल रही अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना बताया जा रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संस्थान के उच्च अधिकारियों ने उस प्रोफेसर को निशाना बनाया जिसने भ्रष्टाचार, अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी. छात्रों ने निलंबन वापस लेने की मांग की है. आईआईटी-गुवाहाटी के शोध छात्र, विक्रांत सिंह ने कहा कि डॉ. बृजेश राय ने आरोप लगाया था कि संस्थान में विभिन्न मामलों में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुईं और स्टाफ के चयन के मामले में भी अनियमितता बरती गई. एक साल में लगभग 50 लोग अवैध रूप से संस्थान में नौकरी कर रहे थे.

विक्रांत ने आरोप लगाया कि फैकल्टी सेलेक्शन में कई भ्रष्टाचार के मामले आए हैं. यहां कुछ व्यक्तियों को यह कहते हुए साक्षात्कार बोर्ड में उपस्थित होने से मना कर दिया गया कि आपके पास मांगे गए वर्षों के अनुभव की कमी है.

कर्मचारियों के चयन के संदर्भ में आप भ्रष्टाचार के स्तर की कल्पना नहीं कर सकते. सिर्फ एक साल में लगभग 50 लोग गलत तरीके से कार्यरत हो गए. उन्होंने प्रतीक्षा सूची से लगभग 50 लोगों को नियुक्त किया.

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