सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक कैंसर अब महामारी की तरह हो गया है. दुनिया भर में लोग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. एक नजर आंकड़ों पर...
1.4 करोड़ कैंसर से जुड़े मामले हर साल आ रहे हैं और 2030 तक ये संख्या बढ़कर 2.17 करोड़ तक पहुंच जाने की आशंका है.
तेजी से बढ़ते शीर्ष पांच कैंसर हैं- फेफड़ा, ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल, पेट और प्रोस्टेट.
कैंसर के सबसे बड़े कारण हैं- तंबाकू, शराब, जंक फूड, शारीरिक गतिविधियों में कमी, दूषित पर्यावरण, कैंसर से जुड़े संक्रमण.
50 नए कैंसर रोगियों को रेडियोथैरेपी की जरूरत होती है लेकिन देश में 90 फीसदी लोग आर्थिक तंगी के कारण ये नहीं करा पाते हैं.
UN के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल 8.8 मिलियन लोग कैंसर से मरते हैं.
Saturday is -
— United Nations (@UN)
8.8 million people die from cancer, mostly in low- and middle-income countries.
भारत की स्थिति
2016 में 14 लाख लोग कैंसर से जूझ रहे थे.
इनमें से 7,36,000 लोगों ने अपनी जान गवां दी.
700 प्रभावित लोगों में से सिर्फ 1 ओंकोलॉजिस्ट मौजूद है.
भारतीय मेडिकल काउंसिल का अनुमान है कि 2020 में कैंसर से प्रभावित लोगों की संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा.
उस समय 1.7 लाख लोग कैंसर से प्रभावित होंगे. और 8,80,00 कैंसर से मारे जाएंगे.