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दरियागंज संडे बुक मार्केट को मिला नया ठिकाना, अब ये है लेटेस्ट पता

पुरानी दिल्ली की पहचान से जुड़ी दरियागंज की ये मार्केट के बंद हो जाने के बाद जहां बुक सेलर को बिक्री की टेंशन थी वहीं बुक लवर्स को टेंशन ये थी कि अब कहां से कम दामों में अच्छी किताबें खरीदी जाएं. वहीं अब खुशखबरी है. संडे बुक मार्केट का नया पता चांदनी चौक है. अब ये मार्केट यहां खुलेगी.

दरियागंज संडे बुक मार्केट ( फोटो- ट्विटर-@thedelhiwalla) दरियागंज संडे बुक मार्केट ( फोटो- ट्विटर-@thedelhiwalla)

पुरानी दिल्ली की पहचान से जुड़ी दरियागंज की संडे बुक मार्केट को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बंद कर दिया गया था. जिसके पास न जाने कितने ही पुस्तक प्रेमी को दुख हुआ था. वहीं अब उन सभी के लिए खुशखबरी है. आखिरकार संडे बुक मार्केट नया घर मिल गया है. शहर के सबसे पुराना किताबों का ये बाजार अब चांदनी चौक में ब्रॉडवे होटल के सामने महिला हाट मैदान में खुलने जा रहा है.

महिला हाट में 276 बुकसेलरों को 170 रुपये प्रति सप्ताह के हिसाब से जगह  आवंटित की गई है. आपको बता दें, पिछले रविवार को, 200 से अधिक बुक सेलरों ने डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बाजार चलाने के लिए जगह आवंटित करने का अनुरोध किया गया.

नॉर्थ दिल्ली नगर निगम की कमिश्नर वर्षा जोशी ने  बताया कि दरियागंज की संडे बुक मार्केट जिसे बंद कर दिया गया था अब वह चांदनी चौक के महिला हाट में खुलेगी. ये बुक लवर्स के लिए अच्छी खबर है.

संडे बुक बाजार पेट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमर सईद ने कहा “हमें गुरुवार को पुष्टि मिली और रविवार से ये बाजार महिला हाट में बाजार स्थापित किया जाएगा. यह स्थान अब तक किराए के लिए नहीं दिया गया था, लेकिन हमें आवंटित किया गया है. उन्होंने कहा कमिश्नर ऑफिस के अधिकारियों ने स्थान का दौरा किया और हमें बाजार को फिर से खोलने की अनुमति दी.

आपको बता दें, आखिरी बार संडे बुक मार्केट 21 जुलाई को स्थापित किया गया था. जिसके बाद 3 जुलाई को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने बाजार को बंद करने का आदेश दिया था. यह कहते हुए कि जामा मस्जिद के पास नेताजी सुभाष मार्ग (एनएस मार्ग) में रविवार को किसी भी साप्ताहिक बाजार की अनुमति नहीं दी जाएगी. बता दें, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा था कि एनएस मार्ग एक बहुत व्यस्त सड़क है जहां हर समय हाई ट्रैफिक वॉल्यूम रहता है. ऐसे में जब पुस्तक विक्रेता फुटपाथ पर कब्जा कर लेते हैं तो पैदल चलने वालों के लिए कोई जगह ही नहीं बचती है.

संडे बुक मार्केट बंद होने के बाद से 250 से अधिक पुस्तक विक्रेताओं पर की रोजी रोटी पर बन आई थी. वीकेंड बाजारों ही इनमें से अधिकांश के लिए आय का अकेला स्रोत है. 20 साल तक दरियागंज में किताबें बेचने वाले सुरिंदर सिंह ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा था 'मैं यहां किताबें बेचकर हर हफ्ते करीब 8000 से 10,000 तक कमा लेता था इससे पर्याप्त रूप से घर का खर्च निकल आता था. अब अपने परिवार के फ्यूचर को लेकर सोच रहा हूं. पता नहीं अब ये बाजार फिर से खुलेगा भी या नहीं'. वहीं अब उन सभी विक्रेताओं के लिए ये राहत की खबर है कि अब वह बुक मार्केट लगा सकते हैं.

आपको बता दें,  विक्रेताओं के पास नई जगह चुनने के लिए पांच विकल्प थे - रामलीला मैदान, हनुमान मंदिर (यमुना बाजार), कच्चा बाग , माता सुंदरी रोड और महिला हाट.  

वहीं जिला कमिश्नर शहर (एसपी जोन) वेदिता रेड्डी ने कहा - "हमने कई क्षेत्रों का सुझाव दिया था. हम मार्केट लगाने के लिए नई जगह देना चाहते थे. वहीं महिला हाट हमारी सबसे अच्छी संपत्तियों में से एक है अब हम उन्हें एक सुरक्षित वातावरण मुहैया करा पाएंगे".

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