आज फ्लिपकार्ट के वॉलमार्ट के हाथ में जाने की आधिकारिक पुष्टि हो जाएगी, जिसमें वॉलमार्ट द्वारा बेंगलुरु स्थित कंपनी फ्लिपकार्ट का 70 फीसदी हिस्सा खरीदने की घोषणा कर दी जाएगी. इसे ई-कॉमर्स फील्ड की सबसे बड़ी डील माना जा रहा है, जो करीब 20 बिलियन डॉलर की है. क्या आप जानते हैं कि फ्लिपकार्ट की शुरुआत कैसे हुई थी...
फ्लिपकार्ट की यात्रा साल 2007 से शुरू हुई थी. इसकी शुरुआत आईआईटी दिल्ली
से ग्रेजुएशन करने वाले और ऐमेजॉन से नौकरी छोड़ चुके दो युवाओं ने की
थी.
फ्लिपकार्ट की सफलता के पीछे चंडीगढ़ के रहने वाले सचिन बंसल और बिन्नी
बंसल नाम के दो व्यक्तियों का हाथ है, जिनकी पहली मुलाकात आईआईटी दिल्ली में
हुई थी और उन दोनों ने साथ में ऐमेजॉन में काम भी किया.
फ्लिपकार्ट ने पहले किताब बेचना शुरू किया था और उसके बाद म्यूजिक, फिल्म,
गेम और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बेचने का काम शुरू किया. इसने पहली बार जॉन वुड
की लिविंग माइक्रोसॉफ्ट टू चेंज द वर्ल्ड किताब बेची थी.
फ्लिपकार्ट की शुरुआत बेंगलुरु स्थित 2 बेडरूम वाले एक अपार्टमेंट से हुई. इसके बाद 2008 में दिल्ली में कई ऑफिस खोले गए और 2009 में मुंबई में कंपनी का ऑफिस खुला. हाल ही में फ्लिपकार्ट ने बेंगलुरु के सभी दफ्तरों को एक बड़े कैंपस में शिफ्ट कर दिया है. बताया जा रहा है कि यह ऑफिस 8.3 लाख स्क्वॉयर फुट में बना है.
भारत में अपना विस्तार करने के बाद साल 2011 में सिंगापुर में भी कंपनी ने कदम रखा, जिससे कि विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके.
पिछले साल कल्याण कृष्णमूर्ति ने सीईओ का कार्यभार संभाला और बिन्नी बंसल पूरे ग्रुप के सीईओ बन गए, जिसमें मिंत्रा समेत अन्य शामिल हैं.
अब फ्लिपकार्ट के प्लैटफॉर्म पर 80 लाख से अधिक उत्पाद 80 से ज्यादा श्रेणियों में बेचे जाते हैं.
पहले सचिन बंसल नौ साल के लिए कंपनी के सीईओ थे, लेकिन 2016 में बिन्नी ने सीईओ का कार्यभार संभाला और सचिन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए. साथ ही फ्लिपकार्ट ने छोटी ई-कॉमर्स कंपनियों का अधिग्रहण करना भी जारी रखा.
मिंत्रा, ईबे, फोनपे जैसी कंपनियों को खरीदते हुए अपनी सफलता की कहानी
बरकरार रखी.
फ्लिपकार्ट ने अपने ग्राहकों की संख्या में इजाफा करने के लिए कैश ऑन
डिलिवरी का ऑप्शन शुरू किया था. इसके अलावा कंपनी ने ईएमआई, एक्सचेंज ऑफर
जैसे ऑप्शन देकर लगातार अपना कारोबार बढ़ाया. अब कंपनी का
कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है और साल 2017 में ही कंपनी ने 19855 करोड़
का कारोबार किया था.