scorecardresearch
 
एजुकेशन

पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला

पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 1/10
फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. आरोप है कि इस फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ की गई है, जबकि कई जानकारों का कहना है कि रानी पद्मिनी की कहानी का इतिहास में जिक्र है. कुछ इतिहासकारों और प्रचलित कहानियों के अनुसार पद्मिनी की कहानी में गोरा-बादल का भी जिक्र आता है, जिन्होंने राणा रतन सिंह की मदद की थी. आइए जानते हैं कौन थे गोरा-बादल और क्या है इनकी कहानी... (फोटो साभार- यादवेंद्र शर्मा किताब)
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 2/10
कहा जाता है कि चित्तौड़गढ़ के राजा रतन सिंह को मुगल शासक अलाउद्दीन खिलजी ने छल से बंदी बना लिया था और रानी पद्मिनी को बुलाने की मांग की थी. उस वक्त रानी पद्मिनी ने एक रणनीति बनाई थी और उसमें खिलजी नाकाम रहा था. (फोटो साभार- फिल्म पद्मावती ट्रेलर वी़डियो)
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 3/10
इस रणनीति में पद्मिनी ने राजा को मुक्त करवाने के लिए खुद (पद्मिनी) को खिलजी के पास जाने की बात कही थी और रानी की डोलियों में कई सैनिक भेज दिए थे. इन सैनिकों में दो योद्धा भी थे, जिनका नाम था गोरा और बादल. कहा जाता है कि राज परिवार इन दोनों योद्धाओं पर विश्वास करता था और गोरा-बादल भी राज परिवार के लिए जान देने के लिए तैयार थे. (फोटो साभार- फिल्म पद्मावती ट्रेलर वी़डियो)

पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 4/10
हालांकि रतन सिंह को छुड़वाने से पहले गोरा-बादल रुठे हुए थे और पद्मिनी ने इन दोनों को मनाया. नरेंद्र मिश्र ने भी अपनी कविता में कहा है कि वो पद्मिनी के चेहरे दिखाए जाने को लेकर रुठ गए थे.
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 5/10
वीकिपीडिया के अनुसार गोरा बादल पद्मिनी चौपाई (1589 CE) में दिखाया गया है कि गोरा और बादल बहादुर योद्धा थे. मुहणोत नैणसी के प्रसिद्ध काव्य 'मारवाड़ रा परगना री विगत' में इनके बारे में बताया गया है. बताया जाता है कि गोरा-बादल दोनों चाचा भतीजे थे और जालोर के चौहान वंश से सम्बन्ध रखते थे.
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 6/10
उस दौरान रतन सिंह को बचाने का जिम्मा गोरा ओर बादल को दिया गया था. उस वक्त अलाउद्दीन खिलजी के पास गोरा और बादल को दूत बनाकर भेजा गया और सेना हटाने की बात कही गई. उस वक्त गोरा बादल कई पालकियों में खिलजी के पास पहुंचे और पालकियों में कई सैनिक थे.
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 7/10
खिलजी के कैंप पर जाकर उन्होंने खिलजी की सेना पर हमला कर दिया और राजा रतन सिंह को बचा लिया. इस दौरान का यह भी किस्सा है कि गोरा खिलजी के पास पहुंच गया था और वो उसे मारने वाला था कि तभी किसी महिला ने उस पर हमला कर दिया. इस लड़ाई में गोरा और बादल शहीद हो गए. (फोटो साभार- फिल्म पद्मावती ट्रेलर वी़डियो)
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 8/10
बता दें कि गोरा-बादल की याद में चित्तौड़गढ़ किले में रानी पद्मिनी के महल के दक्षिण में गुंबद के आकार के दो घर भी बनाए गए हैं, जिन्हें गोरा-बादल का नाम दिया गया है. (फोटो साभार- फिल्म पद्मावती ट्रेलर वी़डियो)
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 9/10
गोरा बादल की इस कहानी का गुणगान राजस्थान के उदयपुर के एकलिंग नाथ के मंदिर में मिलता है. इन दोनों की कहानी उदयपुर में वॉल पेंटिंग के जरिए बताई गई है. (फोटो साभार- फिल्म पद्मावती ट्रेलर वी़डियो)
पद्मिनी के लिए गोरा-बादल ने दी थी जान, खिलजी पर किया था हमला
  • 10/10
गौरतलब है कि खिलजी ने बाद में चितौड़ पर हमला कर दिया था और रतन सिंह की हार होने पर रानी पद्मिनी ने अपनी अन्य रानियों के साथ जौहर कर लिया था. अब कई इतिहासकारों का कहना है कि यह कहानी गलत है और ऐसा नहीं हुआ था. (फोटो साभार- फिल्म पद्मावती ट्रेलर वी़डियो)