जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी
(JNU) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने
बढ़ी हुई फीस को कम करने का फैसला किया है.
आपको बता दें, छात्रों का आरोप था कि कुलपति प्रो
एम जगदीश कुमार ने जेएनयू को पूरी तरह प्राइवेट
करने की मंशा से हॉस्टल की फीस 3000 पर्सेंट
तक बढ़ा दी है. आइए जानते हैं क्या है फीस का
नया स्ट्रक्चर.
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रूमरेंट (सिंगल): 300 रुपये किया गया है. जिसे
पहले बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया था. इससे
पहले इसकी फीस 20 रुपये थी.
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रूमरेंट (डबल): 150 रुपये किया गया है. पहले
बढ़ाकर 300 रुपये किए जाने का प्रस्ताव था.
इससे पहले इसकी फीस 10 रुपये थी.
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वन टाइम मेस सिक्योरिटी: पहले मेस
सिक्योरिटी के लिए 5500 रुपये देने होते थे, लेकिन
बढ़ाकर 12,000 रुपये किए जाने का प्रस्ताव था,
पर अब छात्रों को 5500 ही देने होंगे.
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सर्विस चार्जेज: एज पर एक्चुअल रहेंगे. यूटिलिटी
चार्जेज: 1700 रुपये होंगे जोकि पहले नहीं लिया
जाता था और 1700 रुपये प्रस्तावित थे.
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मेस बिल: इसमे किसी भी तरह के पैसे में वृद्धि
नहीं की गई है. ये जैसा था वैसे ही आज है. वहीं
क्रॉकरी बर्तन के सलाना 250 रुपये देने होंगे. वहीं
इस्टैबलिशमेंट के लिए प्रति सेमेस्टर 11,00 रुपये
देने होंगे.
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आपको बता दें, लेकिन रूम रेंट 3000 पर्सेंट तक
बढ़ा दिया था, जिसके बाद जेएनयू के छात्रों ने
विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.
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EWS छात्रों को मिलेगी मदद
जेएनयू की ईसी बैठक में तय किया गया है कि
ईडब्ल्यूएस (इकोनॉमिक वीकर सेक्शन) यानी निम्न
आय वर्ग परिवारों से आने वाले छात्रों को अलग से
आर्थिक रूप से मदद दी जाएगी. वहीं रिवाइज्ड फीस
स्ट्रक्चर को लेकर जेएनयू छात्रसंघ नाखुश नजर
आए. उन्होंने कहा ये छात्रों के साथ धोखा हो रहा
है.
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वहीं छात्रों को कहना है कि असल में लड़ाई
सर्विस चार्ज हर महीने 1700 को लेकर है जिसे
वापस नहीं लिया गया है.
दूसरी लड़ाई हॉस्टल मैनुअल पर भी है जिसके
तहत छात्रों के 11 बजे तक वापस हॉस्टल लौटने,
मेस में एक निश्चित ड्रेस पहनने, जैसे प्रस्तावों को वापस लेने पर है.