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एजुकेशन

चर्चा में इस लड़की का स्टार्टअप, भारत जैसे देश में खास है इसका मकसद

चर्चा में इस लड़की का स्टार्टअप, भारत जैसे देश में खास है इसका मकसद
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जामिया मिलिया इस्लामिया में पढ़ने वाली स्टूडेंट इशिता सिंह ने अपने आप में अनोखा स्टार्ट अप शुरू किया है जिसमें उन्हें हर तरफ से रिस्पांस भी काफी अच्छा मिल रहा है. ये स्टार्ट अप ऐसे लोगों के लिए है जो मां-बाप बनने की सोच रहे हैं या बनने वाले हैं. ऐसे दौर में जो जानकारियों के लिए पूरा सर्च इंजन खंगाल रहे हैं. इशिता ऐसे लोगों को क्लास देंगीं. स्टार्टअप के बारे में विस्तार से यहां पढ़ें.
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मातृत्व: द फाउंडेशन ऑफ लाइफ एंड नेशन नाम से शुरू इस स्टार्ट अप में वे मां-बाप बनने जा रहे पेरेंट्स को हर उन सवालों के जवाब दिलवाएंगी जिसके लिए वे इंटरनेट पर घंटों खर्च करते हैं.

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वो आगे कहती हैं कि मैंने अपने आसपास एक ऐसा भी उदाहरण देखा जिसमें एक दो महीने के बच्चे की मां इतना ज्यादा परेशान हो गई कि उसने अपने बच्चे को बेड पर फेंक दिया. देखा जाए तो देश में मां-बाप बनने से पहले लोगों को बच्चे या न्यू नेटल बच्चे की मां को संभालने के बारे में पता नहीं होता. न ही कई लोगों को गर्भावस्था के दौरान कैसी लाइफ स्टाइल अपनाई जाए जिससे गर्भवती मां अकेली न पड़े, इसका पता होता है.
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कौन हैं इशिता 

वर्तमान में वो जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन एंटरप्रेन्योरशिप, इनोवेशन एंड डिजाइन थिंकिंग कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स किया है. इसके अलावा आईआईएम उदयपुर से मैनेजमेंट प्रोग्राम फॉर वुमन एंटरप्रेन्योर्स कोर्स कर चुकी हैं. वो IIT DELHI से बिजनेस मैनेजमेंट प्रोग्राम भी अटेंड कर चुकी हैं. उन्होंने अपने स्टार्टअप में अपने पेरेंट्स को भी जोड़ा है.
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इशिता ने aajtak.in से खास बातचीत करते हुए बताया कि मेरी मां डॉ आशा चौहान और पिता डॉ वीर सिंह दोनों ही पीडिए‍ट्रिशिएन (बच्चों के डॉक्टर) हैं. मैंने अक्सर देखा कि लोग बच्चों को पालने के दौरान अक्सर एक ही जैसे सवाल पूछते हैं. उन्हें छोटी-छोटी बातें भी पता नहीं होतीं. इसलिए हमने ऐसे विशेषज्ञों की टीम बनाई है जो सारे सवाल सुलझाएंगे.

(इ‍शि‍ता अपनी मां के साथ)
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क्यों अनोखा है यह स्टार्टअप

इशिता कहती हैं कि इंडिया का अकेला ऐसा प्रोग्राम है जो बच्चे के हेल्दी डेवलेपमेंट के लिए सभी फेज कवर कर रहा है. इसमें बहुत कम निवेश करके लोग बच्चे को स्वस्थ बचपन का तोहफा दे सकते हैं. जाहिर है कि जिस देश में बच्चे स्वस्थ होंगे उस देश की तरक्की निश्चित है. वो कहती है कि आज इस कोर्स की जरूरत उन सभी युवाओं को है जो एकल परिवारों में पले हैं और उन्हें घर में आ रहे नये मेहमान के लिए तैयारी का जरा भी पता नहीं है.

(फोटाे इश‍िता )
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कौन हैं टीम में शामिल

इस स्टार्टअप टीम में अनुभवी बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा ऐसे अनुभवी लोग शामिल हैं जो नई मांओं को कई स्तर पर ट्रेनिंग देंगे. इसमें मांओं को इमोशनल सपोर्ट, स्टाइलिंग आदि भी सिखाया जाएगा. ये सब ऑफलाइन क्लासेज में होगा.

(फोटाे इश‍िता )
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पांच चरण में होगा प्रोग्राम
स्टेज 1: एडोलसेंट केयर: स्वास्थ्य जांच (एचआईवी, एनीमिया, एसटीआई), सेल्फ केयर, डाइट, टीकाकरण, हेल्थ पैरामीटर (बीएमआई)

स्टेज 2: प्री कंसेप्शन केयर: हेल्थ स्क्रीनिंग, टीकाकरण, डाइट एंड लाइफ स्टाइल, एल्कोहल एंड टोबैको के अलावा जेनेटिक काउंसलिंग

(प्रतीकात्मक फोटाे)

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स्टेज 3: 9 महीनों के दौरान कक्षाएं:  सेल्फ केयर, आहार और पोषण, स्तनपान / स्तनपान, बच्चे की देखभाल, पिता और परिवार की भूमिका

स्टेज 4: डिलीवरी के बाद देखभाल: डाइट, मदर ग्रुप्स, आहार और पोषण, शिशु देखभाल

स्टेज 5: चाइल्ड ग्रोथ एंड मॉनिटरिंग: न्यूरो, साइकोलॉजिकल एंड फिजिकल डेवलेपमेंट

(प्रतीकात्मक फोटाे)

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ये मिलेंगी सुविधाएं

ऑफलाइन क्लासेज

24 घंटे कस्टमर सपोर्ट

(प्रतीकात्मक फोटाे)
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