उनके बेसिक ज्ञान से ही जो अंक मिलेंगे, उसी से तय होगा कि वो किस सेवा और राज्य में भेजने के लिए उपयुक्त हैं. कहा जा रहा है कि इससे परीक्षा में टॉपर को IAS कैडर न मिलने या ट्रेनिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले को आईएएस बनने का मौका मिल सकता है. अभी सिविल सर्विसेज में रैंक के आधार पर कैडर मिल जाया करता है, ज्यादातर टॉपर को सामान्य रूप से IAS या बड़े राज्य कैडर के रूप में मिलते हैं.
फाइल फोटो: 2018 में हुए प्रदर्शन की तस्वीर