उत्तराखंड की रहने वाली दिव्या जल्द ही समझ ही गई थी कि नौकरी के
साथ कुछ बड़ा कभी किया जा सकता.
दिव्या ने नोएडा के यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने का बाद
अपने गांव उत्तराखंड की तरफ रुख किया. एक अनोखे आइडिया के साथ कुछ अलग करने
की ठानी.
अपने इसी अनोखे आइडिया के चलते उन्होंने मशरूम उत्पादन में करियर बनाने के बारे में सोचा. ये सफर थोड़ा मुश्किल था, लेकिन वह जानती थी कि मेहनत और सच्ची लगन हो तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है.
आज दिव्या देशभर में 'मशरूम लेडी' के नाम से जानी जाती हैं. आज उनकी खुद की कंपनी सौम्या 'फूड प्राइवेट लिमिटेड' है. और कंपनी का टर्नओवर लाखों में है.
उन्होंने अपने बिजनेस की शुरुआत एक छोट से कमरे से की. लेकिन आज देखते ही देखते उनका बिजनेस आसमान छू रहा है.
बता दें, उनकी कंपनी के तीन मंजिले मशरूम प्लांट से भारी मात्रा में प्रोडक्शन हो रहा है. उनके प्लांट में वर्ष में तीन तरह के मशरूम उत्पादित किये जाते हैं- बटन, ओएस्टर और मिल्की मशरूम.
जहां वह लाखों में कमाई कर रही है, वहीं उनकी कंपनी ने कई गांव के लोगों को रोजगार भी दिया है, जिसकी वजह से उनके घर का चुल्हा जल रहा है.
आज दिव्या अपने कारोबार में सफल होने के साथ गांव में किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं.
बता दें, मशरूम लेडी नारी शक्ति पुरस्कार से नवाजा गया हैं .ये पुरस्कार उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों ग्रहण किया था.
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