तमिलनाडु के शहर त्रिची में पली-बढ़ी अनुकृति वास ने कुछ ही दिन पहले 'फेमिना मिस इंडिया 2018' का खिताब जीता. जहां अनुकृति अपना भविष्य ग्लैमर की दुनिया में बनाना चाहती हैं वहीं एक ओर शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत कुछ करना चाहती है. इसके लिए उन्होंने शुरुआत कर दी है. आइए जानते हैं शिक्षा के लिए उनकी पहल के बारे में..
अनुकृति अभी 19 साल की हैं और वह इस समय लोयोला कॉलेज, चेन्नई से बीए सेकेंड ईयर में हैं. जहां वह फ्रेंच लिटरेचर की पढ़ाई कर रही हैं.
अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वह ट्रांसजेंडर्स की शिक्षा के पर काम कर रही है. जिन्हें लोग आज भी समाज से अलग समझते हैं.
अनुकृति ने बताया कि वह लंबे समय से ट्रांसजेंडर्स की शिक्षा पर काम कर रही है. ताकि उन्हें समाज में बराबरी का हक मिल सके.
आपको बता दें, ट्रांसजेंडर्स की शिक्षा पर काम करने के पीछे एक छोटी से कहानी छिपी है.
दरअसल अनुकृति ने बताया- 'स्कूल के समय मेरा एक ट्रांसजेंडर दोस्त था. लेकिन सिर्फ ट्रांसजेंडर होने की वजह से उसके परिवार वालों ने उसे छोड़ दिया. इस घटना ने मेरे दिमाग और दिल पर काफी प्रभाव डाला और मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया.
इस घटना के बाद अनुकृति साल 2015 में ट्रांसजेंडर्स के हित में काम करने वाले एक एनजीओ से जुड़ी. जहां वह ट्रांसजेंडर्स की शिक्षा को लेकर काम कर रही हैं. वह चाहती हैं - 'सिर्फ ट्रांसजेंडर होने की वजह से जैसा बर्ताव मेरे दोस्त के साथ हुआ है वैस किसी दूसरे के साथ भविष्य में न हो'.
अनुकृति जिस एनजीओ के लिए काम करती हैं उसका मकसद है कि वह कम से कम 30 ट्रांसजेंडर को गोद ले उनके रहन-सहन, शिक्षा और काम की पूरी ज़िम्मेदारी उठाना है. ताकि उन्हें एक बेहतर भविष्य मिल सके.
बता दें, अनुकृति का पालन-पोषण उनकी मां ने अकेले किया है. उनकी मां एक आईटी कंपनी में काम करती हैं.
वहीं मिस इंडिया का खिताब जीत लेने के बाद उन्होंने बताया वह काफी खुश हैं और अपनी जीत को एजॉय कर रही हूं. उन्होंने कहा खिताब जीतने के बाद थोड़ी जिम्मेदारियां बढ़ गई है लेकिन फिलहाल अभी बॉलीवुड में आने का कोई प्लान नहीं है.
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