प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोशिप (PMRF) के लिए अप्लाई करने के इच्छुक
उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. अब सरकार ने इस फैलोशिप के लिए आवेदन
करने वाले नियमों में बदलाव किया है, जिसके बाद आवेदन के लिए ज्यादा
उम्मीदवारों को मौका मिलेगा.
सरकार की ओर से बदले गए नियमों के अनुसार अब हर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट इस फैलोशिप के लिए अप्लाई कर सकेंगे. बता दें कि यह फैसला कुलपतियों की एक नेशनल कॉन्फ्रेंस में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्री कर रहे थे.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार अब फैलोशिप के लिए सभी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट इसके लिए योग्य होंगे. बता दें कि इस फैलोशिप में उम्मीदवारों को रिसर्च के लिए हर साल दिए जाने वाले 2 लाख रुपये के साथ 70 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे.
साथ ही जावड़ेकर ने एआईएसएचई की रिपोर्ट भी जारी की, जिसमें कहा गया है कि भारत में हायर एजुकेशन में जीईआर (ग्रोस एंरोलमेंट रेशो) में बढ़ोतरी हुई है. 2016-17 में यह 25.2 फीसदी जो 2017-18 में 25.8 फीसदी हो गया है.
प्रधानमंत्री रिचर्स फैलोशिप स्कीम का उद्देश्य पीएचडी प्रोग्राम के लिए लोगों को अट्रेक्ट करना है.
कौन कर सकता है अप्लाई- इस प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने के इच्छुक उम्मीदवार चार वर्षीय अंडर ग्रेजुएशन की हो या उसकी पढ़ाई कर रहे हो या उम्मीदवार ने एमटेक किया हो. अगर किसी उम्मीदवार ने यह योग्यता पिछले 5 साल के अंतराल में की है तो इसके लिए अप्लाई कर सकता है.
कैसे होता है चयन- उम्मीदवारों के चयन के लिए सबसे पहले सभी आवेदनों को देखकर शॉर्टलिस्ट किया जाता है और उसके बाद आवेदकों को लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. उसके बाद उम्मीदवारों का आखिरी चयन प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा.