scorecardresearch
 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश- ऑनलाइन पढ़ाई में गरीब बच्चों की मदद करे दिल्ली सरकार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोरोना महामारी के दौर में चल रही ऑनलाइन पढ़ाई को देखते हुए दिल्ली सरकार को EWS और गरीब बच्चों की मदद की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं.

Poor kids cannot be denied education in online classes, says SC Poor kids cannot be denied education in online classes, says SC
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
  • बच्चों को लैपटॉप, इंटरनेट की सुविधा देनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी के कारण चल रही ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर दिल्ली सरकार को नया आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से कहा कि गरीब बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं में शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.

साथ ही, सरकार से सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त स्कूलों और निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए फंडिंग उपकरण, कंप्यूटर और इंटरनेट पैकेजिंग पर भी गौर करने की बात कही.

कोरोना संकट के समय से ही स्‍कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई का तरीका अपनाया है जिसके बाद से छात्रों के बीच इंटरनेट कनेक्टिविटी और इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरण की कमी जैसी दिक्‍कतें आ रही हैं. हाल ही में UNESCO की रिपोर्ट ने बताया है कि भारत के केवल 19 प्रतिशत स्‍कूलों में ही इंटरनेट की सुविधा है. इसके अलावा छात्रों की बहुत बड़ी संख्‍या ऐसी है जिसके पास घर पर ऑनलाइन क्‍लासेज पढ़ने की सुविधा नहीं है. 

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना महामारी और ऑनलाइन शिक्षा ने शिक्षा प्रणाली में डिजिटल विभाजन को बढ़ा दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार को इसके लिए मिलकर काम करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. इसलिए केंद्र और दिल्ली सरकार को इसकी योजना बनानी चाहिए.

 


आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×